यूपी में सपा-RLD को लगेगा झटका, 24 जुलाई को BJP का दामन थाम सकते हैं ये 4 बड़े नेता!
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यूपी में पहले ओपी राजभर ने एनडीए को ज्वाइन किया, फिर दारा सिंह चौहान पार्टी की सदस्यता लेकर वापसी कर चुके हैं. इस लिस्ट में अब विपक्ष के चार और नाम जुड़ने जा रहे हैं, जिनको लेकर पार्टी सूत्रों का दावा है कि आने वाली 24 जुलाई को यह पार्टी का दामन थाम सकेंगे.
उत्तर प्रदेश में लगातार अपने कुनबे को मजबूत कर रही बीजेपी एक और दांव खेलने जा रही है, जिसमें अब पार्टी के नए सदस्य के तौर पर 4 नए चेहरे बहुत जल्द पार्टी का दामन थामने जा रहे हैं. इससे पहले ओपी राजभर ने एनडीए को ज्वाइन किया, फिर दारा सिंह चौहान पार्टी की सदस्यता लेकर वापसी कर चुके हैं. इस लिस्ट में अब विपक्ष के चार और नाम जुड़ने जा रहे हैं, जिनको लेकर पार्टी सूत्रों का दावा है कि आने वाली 24 जुलाई को यह पार्टी का दामन थाम सकेंगे.
इस लिस्ट में नाम समाजवादी पार्टी और आरएलडी के गठबंधन के नेताओं का है. सूत्रों के मुताबिक साहब सिंह सैनी, सुषमा पटेल, राजपाल सैनी और जगदीश सोनकर बहुत जल्द बीजेपी का दामन थाम सकते हैं. अखिलेश सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे साहब सिंह सैनी पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आते हैं और इनको लेकर के बीजेपी में पहले ही चर्चा जोरों पर थी. माना जा रहा है कि वह अगले हफ्ते बीजेपी का दामन थाने जा रहे हैं. इसको लेकर उन्होंने तैयारी भी शुरू कर दी है.
पिछड़ी बिरादरी के दो नेता थाम सकते हैं दामन
बीजेपी की सेंधमारी सपा के सहयोगी दल आरएलडी में भी शुरू हो चुकी है. इस कड़ी में दूसरा नाम आरएलडी नेता और बसपा से सांसद रहे राजपाल सैनी का है. सैनी 2022 मैं आरएलडी के सिंबल पर खतौनी विधानसभा से चुनाव लड़ चुके हैं, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. दोनों ही नेता पिछड़ी बिरादरी से आते हैं. ऐसे में पिछड़ों को साधने की कवायद में पहले से ही बीजेपी इन बिरादरी के नेताओं को तवज्जो दे रही है. इसमें यह दो नए नाम जुड़ने जा रहे हैं, जिसका फायदा उसे पश्चिमी यूपी में मिलेगा.
समाजवादी पार्टी की नेता सुषमा पटेल भी हो सकती हैं शामिल
वहीं दूसरी तरफ इस कड़ी में तीसरा नाम सुषमा पटेल का है, जो समाजवादी पार्टी से आती हैं. इन्होंने 2022 में ही जौनपुर की मड़ियाओं सीट से सपा के सिंबल पर चुनाव लड़ा था. जौनपुर की मुंगरा बादशाहपुर से बसपा की विधायक रहीं सुषमा पटेल इससे पहले बसपा की नेता थीं. उन्होंने 2020 में हुए राज्यसभा चुनाव में बसपा की बगावत के बाद समाजवादी पार्टी का दामन थामा था. पूर्वांचल में कुर्मी वोट को साधने के लिए पटेल की बीजेपी में मौजूदगी उसे और मजबूत करेगी. 2019 में जौनपुर सीट पर बीजेपी को हार का सामना भी करना पड़ा था.

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