
यूपी निकाय चुनाव: आरक्षण नियमों से बदला 11 मेयर सीटों का गणित, इमरान मसूद समेत ये हुए रेस से बाहर
AajTak
उत्तर प्रदेश नगर निकाय चुनाव के लिए आरक्षण लिस्ट जारी कर दी गई है. इससे कई सीटों के गणित बदल गए हैं. नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत की कुल 760 सीटों पर इसका असर पड़ना तय है. इस फैसले के बाद चुनाव की तैयारी में जुटे कई दिग्गज अब रेस से बाहर हो गए हैं.
उत्तर प्रदेश नगर निकाय चुनाव का बिगुल बज चुका है. नगर निगम के मेयर, नगर पालिका-नगर पंचायत अध्यक्ष और वार्ड पार्षद सीटों के लिए आरक्षण लिस्ट जारी कर दी गई है, जिसमें कई सीटों पर बड़ा उलटफेर हो गया है. नई आरक्षण सूची से कई सीटों के राजनीतिक समीकरण पूरी तरह से बदल गए हैं. पुराने आरक्षण के लिहाज से निकाय चुनाव लड़ने की तैयारी में जुटे कई दिग्गज उम्मीदवार और नेताओं के अरमानों पर पानी फिर गया है. हालांकि, सीटों के आरक्षण पर आपत्ति के बाद फाइनल लिस्ट जारी की जाएगी.
नगर निकाय चुनाव का आरक्षण यूपी की कुल 762 नगर निकायों में से 760 नगर निकायों में चुनाव होगा, जिसके लिए आरक्षण की लिस्ट गुरुवार को जारी कर दी गई. यूपी के 17 नगर निगम के मेयर, 199 नगर पालिका के अध्यक्ष और 544 नगर पंचायत अध्यक्ष पद के आरक्षण घोषित कर दिया गया है. इसके अलावा नगर निगम, पालिका परिषद और पंचायतों के 13,965 वार्डों का भी आरक्षण जारी कर दिया है.
एससी-एसटी-महिलाओं के लिए सीटें बढ़ीं दिसंबर 2022 में निकाय चुनाव के ओबीसी आरक्षण लिस्ट को लेकर बवाल मचा था और मामला सुप्रीम कोर्ट तक जा पहुंचा था. अब नई प्रक्रिया में ओबीसी के आरक्षण में कोई बदलाव नहीं हुआ. 760 नगरीय निकायों में पहले 205 सीटें ओबीसी के लिए आरक्षित थी. इस बार भी 205 सीटें ओबीसी के लिए आरक्षित की गई हैं.
अब नए आरक्षण सूची में एससी-एसटी और महिला आरक्षण को पहले की तुलना में फायदा मिला है. अनुसूचित जाति की आठ और अनुसूचित जनजाति की एक सीट बढ़ी है. एससी समुदाय के लिए पहले 102 सीटें आरक्षित थी, जबकि इस बार उनके लिए 110 सीटें आरक्षित हो गईं हैं. इसी तरह एसटी की पहले एक सीट आरक्षित होती थी, जो अब दो सीटें आरक्षित की गईं हैं. महिलाओं के पहले 255 सीट थी, जो अब बढकर 288 हुई हैं. इस तरह से महिलाओं के लिए 33 सीटों की बढ़ोतरी हुई है. नगर पंचायत अध्यक्ष के लिए पहले महिलाओं के लिए 182 सीटें थी, जो अब बढ़कर 209 सीट हो गई है. इस तरह से नगर पालिका अध्यक्ष की 67 से बढ़कर 73 हो गई है.
नगर निगम मेयर सीटों का आरक्षण नगर निगम की कुल 17 मेयर सीट में से 8 सामान्य वर्ग, 3 महिला, दो महिला ओबीसी, दो पिछड़ा वर्ग, एक एससी और एक एससी महिला के आरक्षित की गई है. वाराणसी, प्रयागराज, अलीगढ़, बरेली, मुरादाबाद, गोरखपुर, अयोध्या और मथुरा की मेयर सीट अनारक्षित है. लखनऊ, कानपुर, गाजियाबाद मेयर सीट सामान्य महिला के लिए आरक्षित की गई है. शाहजहांपुर और फिरोजाबाद की मेयर सीट पिछड़ा वर्ग महिला तो सहारनपुर और मेरठ मेयर सीट पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित की गई हैं. झांसी मेयर सीट एससी और आगरा मेयर सीट एससी महिला के लिए आरक्षित है.
11 मेयर सीटों पर बदले समीकरण नगर निगम की मेयर सीटों के लिए राज्य सरकार ने 5 दिसंबर 2022 को जो आरक्षण जारी किया था, उस लिहाज से देखें तो अब मेयर की 17 सीटों में से 11 सीटों पर आरक्षण की स्थिति पूरी तरह से बदल गई है. मथुरा और अलीगढ़ मेयर सीट पहले ओबीसी महिला के आरक्षित लिए थी, जो अब सामान्य वर्ग के लिए अनारक्षित हो गई हैं. प्रयागराज मेयर सीट ओबीसी के लिए आरक्षित थी, जो अब सामान्य वर्ग के लिए हो गई है. सहारनपुर मेयर सीट महिला से ओबीसी हो गई तो मुरादाबाद मेयर सीट महिला आरक्षण से सामान्य वर्ग हो गई. फिरोजाबाद और शाहजहांपुर की मेयर सीट अनारक्षित से ओबीसी महिला हो गई है तो गाजियाबाद, लखनऊ और कानपुर मेयर सीट अनारक्षित से महिला आरक्षित कर दी गई है.

मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है. अमेरिका ने USS Abraham Lincoln कैरियर ग्रुप अरब सागर में तैनात कर ईरान पर हमले की धमकी दी है. ईरान डर से अपने न्यूक्लियर साइट्सको गहराई में छिपा रहा है. टनल सील कर रहा है. ड्रोन कैरियर शहीद बघेरी को बंदर अब्बास से 6 किमी दूर रखा है. IRGC 1-2 फरवरी को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में लाइव-फायर एक्सरसाइज करेगा.

दिल्ली पुलिस की महिला कमांडो काजल की हत्या के मामले अब नई परतें खुल रही हैं. उसके परिजनों ने पति अंकुर पर हत्या के साथ-साथ पेपर लीक रैकेट का मास्टरमाइंड होने के गंभीर आरोप लगाए हैं. दावा है कि काजल के पास उसके काले कारनामों के राज़ थे. हत्या से पहले वीडियो कॉल और डंबल से हत्या के आरोपों ने मामले को और सनसनीखेज बना दिया है.

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सोनिया विहार इलाके में चल रही नकली ब्रांडेड जूतों की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का खुलासा किया है. यहां नाइकी, एडिडास, न्यू बैलेंस और स्केचर्स के नकली जूते बनाए जा रहे थे. पुलिस ने यूनिट के मालिक संदीप सिंह को गिरफ्तार कर भारी मशीनें और हजारों नकली जूतों के पार्ट्स बरामद किए हैं.

राजस्थान में साध्वी प्रेम बासा की संदिग्ध मौत. साध्वी प्रेम बासा, जो एक प्रसिद्ध कथा वाचक थीं, का अस्पताल में अचानक निधन हुआ. उनके निधन पर कई सवाल उठे हैं. पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है. परिवार और आश्रम वालों के बीच विवाद भी देखने को मिला है. एक वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट्स ने मामले को और पेचीदा बना दिया है.

हरियाणा के दादरी जिले में एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें बीजेपी विधायक को चमचों से दूर रहने की कड़वी नसीहत एक बुजुर्ग ने दी है. यह घटना स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है. वीडियो में बुजुर्ग की बातों का अंदाज़ साफ दिखता है जो नेताओं के व्यवहार पर सवाल उठाता है. यह घटना लोकतंत्र के अंतर्गत नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के बीच सीधे संवाद की महत्ता को दर्शाती है. ऐसे संवाद समाज में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व बढ़ाने में मदद करते हैं.








