
यूक्रेन से युद्ध के बीच रूस का परमाणु बल का अभ्यास, पुतिन के इस कदम से दुनिया में हड़कंप!
AajTak
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने बुधवार को सामरिक परमाणु बल का अभ्यास देखा. जिसमें बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों के प्रक्षेपण आदि शामिल थे. क्रेमलिन ने बताया कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रूस के रणनीतिक प्रतिरोध बलों के प्रशिक्षण का निरीक्षण किया, जो परमाणु युद्ध के खतरों का जवाब देने के लिए हर वक्त तैनात रहता है.
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को 8 महीने हो चुके हैं. दोनों ही देश एक-दूसरे की सेना का डटकर मुकाबला कर रही है. इस बीच बुधवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने सामरिक परमाणु बल का अभ्यास देखा. जिसमें बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों के प्रक्षेपण आदि शामिल थे. एक न्यूज एजेंसी के मुताबिक क्रेमलिन ने बताया कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रूस के रणनीतिक प्रतिरोध बलों के प्रशिक्षण का निरीक्षण किया, जो परमाणु युद्ध के खतरों का जवाब देने के लिए हर वक्त तैनात रहता है. परमाणु हमलों की चेतावनी के बीच पुतिन के इस कदम से दुनियाभर के देशों में हड़कंप मचा हुआ है.
उधर, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने रूस पर युद्ध में ईरानी ड्रोन करने का आरोप लगाया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने कहा कि यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में रूस ने लगभग 400 ड्रोन का इस्तेमाल किया है. वहीं अमेरिका ने एक बार फिर रूस को परमाणु हथियारों के इस्तेमाल पर चेताया और कहा है कि यह अविश्वसनीय रूप से एक गंभीर गलती होगी.
बाइडेन प्रशासन ने पहले कहा था कि रूस ने नोटिस दिया है कि वह अपनी परमाणु क्षमताओं का नियमित अभ्यास करना चाहता है, जबकि यूक्रेन के परमाणु ऊर्जा ऑपरेटर ने दावा किया कि उसका पड़ोसी यूरोप के सबसे बड़े परमाणु ऊर्जा संयंत्र में कुछ गुप्त काम कर रहा है.
बाइडेन ने मंगलवार को व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से कहा, "मैं बस इतना ही कहना चाहता हूं कि अगर रूस सामरिक परमाणु हथियार का इस्तेमाल करता है तो वह अविश्वसनीय रूप से गंभीर गलती करेगा." यहां बाइडेन इस सवाल का जवाब दे रहे थे कि क्या रूस "डर्टी बम" या परमाणु हथियार तैनात करने की तैयारी कर रहा है. बाइडेन ने जोर देकर कहा कि "मैं आपको गारंटी नहीं दे रहा हूं कि यह अभी तक एक फाल्स फ्लैग ऑपरेशन है; मुझें नहीं पता. लेकिन अगर ऐसा होता है तो यह एक गंभीर गलती होगी.”

वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.

आज सबसे पहले आपको उस रिपोर्ट के बारे में बताएंगे, जिसके मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है. और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है. ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे?











