
यूक्रेन की राह पर ताइवान! दुनिया देखेगी एक और युद्ध? देखें Breaking News
AajTak
अमेरिकी कांग्रेस की स्पीकर नैंसी पेलोसी के ताइवान दौरे से चीन और ताइवान के बीच तनाव चरम पर पहुंचता जा रहा है. चीन की सेना ने अलग-अलग हवाई अड्डों से यु्द्धाभ्यास से लड़ाकू विमान रवाना कर दिया है. अमेरिका-ताइवान और चीन तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय गोलबंदी शुरू हो गई है. रूस चीन के समर्थन में खड़ा हो गया है. रूसी विदेश मंत्री ने बयान जारी कर नैंसी पेलोसी के ताइवान दौरे पर आपत्ति जताई है. रूसी विदेश मंत्री का कहा कि पेलोसी का दौरा साफ तौर पर उकसावे की कार्रवाई है. रूस ने बयान जारी कर कहा है कि हमारा मानना है कि ताइवान स्ट्रेथ का विवाद चीन का घरेलू मसला है. चीन अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए कुछ करने के लिए स्वतंत्र है. देखें ब्रेकिंग न्यूज.

वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.

आज सबसे पहले आपको उस रिपोर्ट के बारे में बताएंगे, जिसके मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है. और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है. ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे?











