
युद्ध की थकान, घरेलू असंतोष और ट्रंप का प्रेशर... अब जंग से पीछे हटना चाहते हैं पुतिन, यूक्रेन को दिया डील का ऑफर
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रूस-यूक्रेन जंग के तीन साल बाद राष्ट्रपति पुतिन पहली बार जंग को लेकर लचीलापन दिखा रहे हैं. उनके बयानों से अब शांति की कोशिशों की ललक झलकती है. पुतिन ने पहली बार तो ईस्टर पर 30 घंटे की एकतरफा युद्धविराम की घोषणा की और अब अमेरिकी प्रयासों के मद्देनजर उन्होंने कहा है कि वे शांति प्रस्ताव पर बात करने को तैयार हैं. लेकिन क्या यूक्रेन को पुतिन की शर्तें स्वीकार होंगी.
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने युद्ध के शुरुआती दिनों के बाद पहली बार यूक्रेन के साथ शांति वार्ता का प्रस्ताव रखा है. इससे पहले पुतिन ने इस्टर के मौके पर एक दिन के एकतरफा युद्धविराम की घोषणा की थी. अब उन्होंने दूसरी बार युद्ध रोकने का ऑफर दिया है. यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने इस ऑफर पर पॉजिटिव जवाब दिया है. जेलेंस्की ने अपने रात को रिकॉर्ड किए गए एक वीडियो संदेश में इस बात पर जोर दिया कि यूक्रेन युद्ध विराम के बारे में "किसी भी बातचीत के लिए तैयार है" जो नागरिकों पर हमलों को रोकने की दिशा में सकारात्मक पहल हो.
पुतिन और जेलेंस्की दोनों पर ही बातचीत की टेबल पर आने के लिए अमेरिका का दबाव है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर दोनों देश शांति उपायों पर आगे नहीं बढ़ते हैं तो अमेरिका इस कोशिश से ही बाहर हो जाएगा.
रूस और यूक्रेन ने कहा है कि वे पिछले सप्ताह के अंत में मास्को द्वारा घोषित 30 घंटे के ईस्टर युद्धविराम के बाद आगे भी सीजफायर के लिए तैयार हैं. हालांकि दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर इसका उल्लंघन करने का आरोप लगाया है.
जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन बुधवार को लंदन में अमेरिका और यूरोपीय देशों के साथ वार्ता में भाग लेगा. यह चर्चा पिछले सप्ताह पेरिस में हुई बैठक के बाद की कड़ी है, जिसमें अमेरिका और यूरोपीय देशों ने तीन साल से अधिक पुराने युद्ध को समाप्त करने के तरीकों पर चर्चा की थी.
पुतिन ने रूसी सरकारी टीवी रिपोर्टर से बात करते हुए कहा कि ईस्टर युद्ध विराम के बाद लड़ाई फिर से शुरू हो गई है, जिसकी घोषणा उन्होंने शनिवार को एकतरफा रूप से की थी. उन्होंने कहा कि मॉस्को किसी भी शांति पहल के लिए खुला है और कीव से भी यही उम्मीद करता है. पुतिन ने सरकारी टीवी रिपोर्टर पावेल ज़ारुबिन से कहा, "हमने हमेशा इस बारे में बात की है कि हम किसी भी शांति पहल के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखते हैं. हमें उम्मीद है कि कीव शासन के प्रतिनिधि भी ऐसा ही महसूस करेंगे."
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने संवाददाताओं से कहा: "जब राष्ट्रपति ने कहा कि नागरिक लक्ष्यों पर हमला न करने के मुद्दे पर चर्चा करना संभव है, तो राष्ट्रपति के मन में यूक्रेनी पक्ष के साथ बातचीत और चर्चा थी."

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