
यह कहना गलत है कि पद छोड़ने के बाद मैं पुलवामा हमले पर सवाल उठा रहा हूं: सत्यपाल मलिक
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सत्यपाल मलिक ने राजस्थान के सीकर में मीडिया से बात करते हुए कहा, 'यह कहना गलत है कि मैंने इस मुद्दे को तब उठाया जब मैं सत्ता से बाहर था.' उन्होंने कहा कि हमले के दिन उन्होंने इसे उठाया था. एक सवाल के जवाब में मलिक ने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह प्रधानमंत्री पद के लिए 'गंभीर उम्मीदवार' हैं और 'अगर यह उनकी किस्मत में है तो वह बन जाएंगे.'
जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने सोमवार को कहा कि यह कहना ''गलत'' है कि पद छोड़ने के बाद ही वह 2019 के पुलवामा आतंकी हमले पर सवाल उठा रहे हैं. दरअसल, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में कहा था कि मालिक "हमसे अलग होने के बाद आरोप लगा रहे हैं.' पूर्व राज्यपाल का बयान इसी संदर्भ में आया है.
सत्यपाल मलिक ने राजस्थान के सीकर में मीडिया से बात करते हुए कहा, 'यह कहना गलत है कि मैंने इस मुद्दे को तब उठाया जब मैं सत्ता से बाहर था.' उन्होंने कहा कि हमले के दिन उन्होंने इसे उठाया था. फरवरी 2019 में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सुरक्षा वाहनों के काफिले पर हुए आतंकवादी हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के 40 जवान शहीद हो गए थे.
मलिक, जो जम्मू-कश्मीर के तत्कालीन राज्यपाल थे. उन्होंने हाल ही में खुफिया विफलताओं का आरोप लगाया और कहा कि केंद्र सरकार ने सुरक्षा कर्मियों के लिए विमान देने से इंकार कर दिया था. इस आरोप के बारे में पूछे जाने पर कि मलिक को सीबीआई का हालिया समन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार की आलोचना से जुड़ा हुआ है. गृह मंत्री शाह ने कहा कि ऐसा आरोप सही नहीं है, क्योंकि उन्हें जांच एजेंसी ने पहले भी बुलाया था.
अमित शाह ने पिछले हफ्ते इंडिया टुडे से बातचीत में कहा, 'मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि बीजेपी ने ऐसा कुछ भी नहीं किया है जिसे छुपाने की जरूरत है. अगर कोई हमसे अलग होने के बाद आरोप लगा रहा है, तो इसका मीडिया और लोगों द्वारा मूल्यांकन किया जाना चाहिए.'
एक सवाल के जवाब में मलिक ने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह प्रधानमंत्री पद के लिए 'गंभीर उम्मीदवार' हैं और 'अगर यह उनकी किस्मत में है तो वह बन जाएंगे.'
अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में भाजपा की संभावनाओं के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, 'मैं उनके अच्छे होने की कामना करता हूं, लेकिन राजनीति और चुनाव में कोई नहीं जानता कि क्या होगा. मौजूदा स्थिति उनके लिए कठिन है, उन्हें कुछ चीजें करनी होंगी.'

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