
यमुना, जहरीले झाग और केमिकल... छठ पर घमासान, अफसरों से भिड़े BJP सांसद, AAP ने घेरा
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यमुना में सफेद झाग की चादर बिछी हुई. श्रद्धालु इसी प्रदूषित पानी में पूजा करने को मजबूर हैं. दूसरी ओर प्रशासन द्वारा यमुना के जल में भारी मात्रा में केमिकल का छिड़काव किया जा रहा है, ताकि सफेद झाग कम हो सके. इसके बावजूद तस्वीर में कुछ खास बदलाव नजर नहीं आ रहा है.
देशभर में 30 अक्टूबर को छठ पर्व मनाया जाएगा. आज (28 अक्टूबर) से नहाए खाए के साथ पर्व की शुरुआत हो गई है. दिल्ली सरकार ने इस बार राजधानी में 1100 जगहों पर धूमधाम से छठ मनाने का ऐलान किया था. इसके लिए तैयारियां भी जोरों पर हैं. लेकिन इस बार भी यमुना नदी में सफेद झाग की चादर बिछी हुई. श्रद्धालु इसी प्रदूषित पानी में पूजा करने को मजबूर हैं. दूसरी ओर प्रशासन द्वारा यमुना के जल में भारी मात्रा में केमिकल का छिड़काव करवाया जा रहा है, ताकि सफेद झाग कम हो सके. इसके बावजूद तस्वीर में कुछ खास बदलाव नजर नहीं आ रहा है. दूसरी ओर इस बार भी यमुना में प्रदूषण को लेकर राजनीति शुरू हो गई है.
बीजेपी नेताओं ने आम आदमी पार्टी और केजरीवाल सरकार पर जमकर निशाना साधा है. भाजपा नेता मनोज तिवारी ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि केजरीवाल ने 2013 में दावा किया था कि वह यमुना को इतना साफ कर देंगे कि लोग डुबकी लगा सकेंगे. लेकिन इसमें आज भी झाग तैर रहा है. तिवारी ने कहा कि आज जब भाजपा नेता कालिंदी घाट पहुंचे तो वहां झाग को छिपाने के लिए जहरीला रसायन का छिड़काव किया जा रहा था. भाजपा नेताओं को देखते ही ये लोग रसायन छोड़कर वहां से भाग गए.
दिल्ली सरकार छठ पूजा की तैयारी कर रही है और भाजपा के नेता काम रोक रहे हैं , बदतमीज़ी कर रहे हैं। भाजपा चाहती है पूर्वांचली भाइयों को परेशानी हो और त्योहार ख़राब हो । pic.twitter.com/JVrEtMIdsz
मनोज तिवारी ने शुक्रवार को ट्वीट किया और कहा कि फिर एक बार अरविंद केजरीवाल का हिंदू विरोधी चेहरा सामने आया. कल जब हम सबने यमुना जी का बुरा हाल दिखाया और परसों अधिकारियों के साथ स्वच्छता व आस्था के पर्व छठ के लिए यमुना तट सफाई की तो अब अपने अधिकारियों को धमका रहे हैं कि यमुना किनारे छठ नहीं मनाने दो.
आप ने किया पलटवार

वेस्ट एशिया में छिड़ी जंग के बाद पैदा हुए हालातों पर प्रधानमंत्री लोकसभा को संबोधित कर रहे हैं. इस बीच उन्होंने कहा कि अब इस संकट को 3 सप्ताह से ज्यादा हो रहा है. इसका पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था पर, लोगों के जीवन पर बहुत ही विपरित असर हो रहा है. इसलिए पूरी दुनिया इस संकट के जल्द से जल्द समाधान के लिए सभी पक्षों से आग्रह भी कर रही है.












