
यमन से छोड़ा गया ड्रोन इजरायल के इलात शहर में गिरा, हूती बोले- रुकेंगे नहीं हमले!
AajTak
दक्षिणी इजरायल के शहर इलात में यमन से छोड़ा गया ड्रोन एक होटल के पास गिरा, जिससे जोरदार धमाका हुआ और आग लग गई. हालांकि, किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. इजरायली सेना ने घटना का सीसीटीवी फुटेज जारी किया है.
दक्षिणी इजरायल के शहर इलात में गुरुवार (18 सितंबर) को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब यमन से छोड़ा गया एक ड्रोन होटल के पास आकर गिरा. इस दौरान जोरदार धमाका हुआ और आसपास आग लग गई. हालांकि, राहत की बात यह रही कि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है.
यमन से छोड़ा गया था ड्रोन
इजरायली सेना ने बताया कि 'पूरब से छोड़ा गया' ड्रोन इलात में गिरा. ड्रोन के आने से पहले ही इलाके में एयर रेड सायरन बजने लगे थे. सेना ने इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी जारी किया है. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने वीडियो की जांच कर इसकी पुष्टि की है.
फुटेज में दिख रही इमारतें और पेड़ इलात की सैटेलाइट तस्वीरों से मेल खाते हैं. वीडियो की तारीख भी सीसीटीवी टाइमस्टैम्प और रिपोर्टिंग से वैरिफाई हुई है. इजरायली मीडिया के मुताबिक, यह ड्रोन यमन से छोड़ा गया था और सीधे इलात के होटल जोन में आकर गिरा.
ईरान समर्थित हूती संगठन ने ली जिम्मेदारी
इस हमले की जिम्मेदारी यमन के ईरान समर्थित हूती संगठन ने ली है. उन्होंने बयान जारी कर कहा कि इलात 'हमेशा निशाने पर रहेगा.' हूती संगठन इजरायल और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लेन पर हमले करता रहा है. उनका कहना है कि यह सब गाजा के फिलिस्तीनियों के समर्थन में किया जा रहा है.

युद्ध के 24वें दिन आज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चौंकाने वाला बड़ा ऐलान किया. ट्रंप ने कहा कि बीते 2 दिनों से हो रही बातचीत के बाद मैंने ईरानी पावर प्लांट्स पर 5 दिनों के लिए हमले करना रोक दिया है. गौरतलब है कि भारतीय समय से आज रात ही ईरानी पावर प्लांट्स पर हमला करने की ट्रंप की डेडलाइन पूरी हो रही थी. सवाल ये है कि क्या ट्रंप ने अचानक यू टर्न लिया है? अगर ईरान के साथ बीते 2 दिनों से बातचीत हो रही थी तो लगभग 2 दिनों पहले उन्होंने अल्टीमेटम क्यों दिया था? क्यों उन्होंने शक्ति से शांति की बात की थी? सवाल उठ रहा है कि क्या ईरान के तेवरों के आगे ट्रंप एग्जिट रूट ढूंढ रहे हैं? ट्रंप के ऐलान से क्या युद्ध रुक जाएगा? क्या ईरान और इजरायल युद्ध रोकेंगे? ईरान की मीडिया के अनुसार अमेरिका से ईरान का कोई संपर्क नहीं है.

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमलों को पांच दिनों के लिए रोकने का निर्देश दिया, जिसका कारण दोनों देशों के बीच जारी सकारात्मक बातचीत बताया गया. डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि ईरान से पांच दिनों के भीतर डील हो सकती है. हालांकि, ईरान इन दावों को खारिज कर रहा है. इससे पहले अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर चेतावनी दी थी, जिस पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी.

ईरान लगातार इजरायल को निशाना बना रहा है. यरुशलम में ईरान के हमले की आशंका को लेकर सायरन बजे. आनन-फानन में लोग बम शेल्टर की ओर भागे. ये सायरन ईरान से मिसाइल और ड्रोन हमलों की चेतावनी देते हैं. हमसे ले पहले कुछ मिनटों का ही समय होता है जिसमें इजरायली नागरिक अपने करीबी बम शेल्टर में तब तक शरण लेते हैं जब तक कि खतरा टल न जाए. देखें वीडियो.

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.







