
मौत, मुआवजा और मुक्ति... बांग्लादेश चुनाव से एक दिन पहले यूनुस को आई दीपू दास की याद, क्या धो पाएंगे दाग?
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दीपू दास की लिंचिंग से हुई किरकिरी का दाग मिटाने के लिए अपनी अंतरिम सरकार के अंतिम क्षणों में मोहम्मद यूनुस ने जो खानापूर्ति की है, क्या वो हिंदुओं के भीतर उपजे डर का समाधान कर पाएगी. बुधवार को होने जा रहे चुनाव को लेकर हिंदुओं को उम्मीदें हैं, लेकिन कई सवाल भी.
बांग्लादेश में छात्र नेता उस्मान हादी की हत्या पर मचे बवाल के बीच 18 दिसंबर 2025 को एक हिंदू युवक दीपू दास के साथ मजहबी कट्टरपंथ के नाम पर जो हुआ, उसे दुनिया ने दरिंदगी की मिसाल के रूप में देखा. वीडियो में दिखाई दिया कि इस्लाम की बेइज्जती करने के नाम पर उसे कैसे भीड़ ने पुलिस की गिरफ्त से बाहर खींचा. पहले पीट पीटकर अधमरा किया और फिर पेड़ से लटकाकर जिंदा जला दिया. इस कांड के डेढ़ महीने बाद अंतरिम सरकार चला रहे मोहम्मद यूनुस को अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न का दाग धोने की याद आई. मृतक दीपू के परिवार को घर बनाने और आर्थिक मदद के लिए 25-25 लाख टका देने का आश्वासन दिया गया है. लेकिन, क्या ऐसा कर देने भर से यूनुस और उनकी सरकार को आरोपों से मुक्ति मिलेगी?
बांग्लादेश में हो रही घटनाएं किसी छोटी लड़ाई का नतीजा नहीं हैं, बल्कि लंबे समय से घट रहे मजहबी हमलों का हिस्सा हैं. बांग्लादेश में हिंदू समुदाय आज अपनी सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित है और हर रोज़ यही सवाल करता है कि क्या वह सुरक्षित है? डर की एक लहर थी जो पूरे अल्पसंख्यक समाज में फैल गई. क्योंकि हिंसा थमी नहीं है. दुकानदार, कारोबारियों और आम हिंदुओं पर हमले लगातार हो रहे हैं. हाल ही में मयमनसिंह में एक 62 वर्षीय हिंदू व्यापारी सुसेन चंद्र सरकार को उसकी दुकान के अंदर बेरहमी से मार डाला गया, इससे पहले भी कबकोन चंद्र दास जैसे व्यापारियों पर जानलेवा हमले हुए हैं.
गिरती आबादी, बढ़ती असुरक्षा
बांग्लादेश की कुल जनसंख्या में हिंदुओं का हिस्सा अब लगभग 8% के आसपास रह गया है. चार दशक पहले यह संख्या 13.5% थी. कई विशेषज्ञों के अनुसार, हिंसा, डर और असुरक्षा के कारण हिंदू समुदाय लगातार देश से बाहर जाने, पलायन करने या अपनी पहचान बदलने पर मजबूर हुआ है. जब आबादी गिरती है और हिंसा की खबरें आम होती हैं, तो समुदाय के भीतर डर की भावना बढ़ती है. लोग सुबह उठकर सोचते हैं, ‘क्या आज सुरक्षित रहेंगे?’ या ‘क्या हमारे बच्चों का भविष्य सुरक्षित है?’
कई मानवाधिकार समूहों ने बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ बढ़ते हमलों पर चिंता जताई है. इन समूहों के अनुसार मौजूदा हिंसा सिर्फ अपराध तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कम्युनल है. जो अल्पसंख्यकों को डराने और डर के बल पर कंट्रोल करने की कोशिश है. जब मंदिरों पर हमले होते हैं, पूजा स्थलों को निशाना बनाया जाता है या व्यक्ति के विश्वास को लेकर हमला होता है, तब एक बड़ा सवाल उठता है कि क्या अल्पसंख्यक वास्तव में समान नागरिक हैं?

आज सबसे पहले हम आपको वो तस्वीर दिखाएंगे. जो मुंद्रा पोर्ट से आई है. यहां स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में गरजती मिसाइल और बरसते ड्रोन्स के बीच से चलकर LPG गैस से भरा शिवालिक जहाज भारत आ गया है. इसमें इतनी गैस है जिससे 32 लाख 40 हजार LPG गैस सिलिंडर भरे जा सकते हैं. लगभग इतनी ही गैस लेकर एक और जहाज. नंदा देवी कल सुबह भारत पहुंच जाएगा. इसके बाद आपको इजरायल-अमेरिका और ईरान के युद्ध के 17वें दिन का हर अपडेट बताएंगे. जंग में पहली बार ईरान ने सेजिल मिसाइल दागी. ये मिसाइल बेहद खतरनाक है, इसके जरिए ईरान अपने देश के किसी भी हिस्से से पूरे इजरायल को निशाना बना सकता है. इस सबके बीच UAE में तेल डिपो में आग लगने के साथ ही दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी हमला हुआ.

दिल्ली एम्स ने 31 वर्षीय हरीश राणा के लिए पैसिव यूथेनेशिया प्रक्रिया शुरू कर दी है. इस के लिए हरीश को शनिवार को गाजियाबाद स्थित आवास से एम्स के डॉ. बीआर अंबेडकर संस्थान रोटरी कैंसर अस्पताल की पैलिएटिव केयर यूनिट में शिफ्ट किया गया है, जहां धीरे-धीरे हरीश के लाफ सपोर्ट सिस्टम को वापस लिया जाएगा, ताकि शरीर स्वाभाविक रूप से शांत हो जाए.

महायुद्ध सत्रह दिन से जारी है. मैं श्वेता सिंह इस वक्त इजरायल की राजधानी तेल अवीव में हूं. जहां आज भी ईरान की तरफ से मिसाइल से हमला किया जाता रहा. पश्चिम एशिया में युद्ध कब तक चलेगा इस सवाल पर इजरायल ने बड़ी बात कही है. दावा किया कि उसने कम से कम 3 हफ्ते तक युद्ध जारी रखने की योजना बनाई है. अमेरिका और इज़राइल के बीच ईरान पर युद्ध तीसरे हफ्ते में प्रवेश कर गया है, जिससे तेल की कीमतों पर असर पड़ रहा है. पिछले 15 दिनों में ईरान पर भारी बमबारी हुई है. लेकिन उसने हथियार नहीं डाले हैं, इसके बाद इजरायल कह रहा है कि उसकी योजना अगले 3 हफ्तों तक युद्द जारी रखने की है.

चंद्रपुर में एक बाघ के सड़क पार करने के दौरान लोगों की लापरवाही सामने आई. राहगीरों ने अपनी गाड़ियां रोककर बाघ को घेर लिया और उसके बेहद करीब जाकर सेल्फी और वीडियो बनाने लगे. यह घटना दुर्गापुर-मोहुर्ली रोड की है, जो ताडोबा टाइगर रिजर्व के पास है. वीडियो वायरल होने के बाद वन विभाग कार्रवाई की तैयारी कर रहा है.

युद्ध के मोर्चे पर ये समझ में नहीं आ रहा है कि इस युद्ध में जीत कौन रहा है. जिस ईरान को समझा जा रहा है कि सुप्रीम लीडर के मारे जाने के बाद वो सरेंडर कर देगा. वो कहीं से भी पीछे हटता नहीं दिख रहा है. बल्कि ईरान तो और ज्यादा अग्रेसिव हो गया है. और इजरायल के अलावा उसने यूएई का बुरा हाल किया हुआ है. दुबई को तो ईरान ने धुआं धुआं कर दिया. दुबई का हाल ये है कि उसकी ग्लोबल कैपिटल वाली इमेज को ईरान के हालिया हमलों से बहुत बड़ा डेंट लगा है.

पश्चिम एशिया में जंग से तेल और गैस की किल्लत की आशंका के बीच भारत के लिए अच्छी खबर है. भारतीय जहाज शिवालिक कतर से लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस लेकर भारत आ गया है, एलपीजी से लदा भारतीय जहाज शिवालिक गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर पहुंचा है. ये जहाज लगभग 46 हजार मीट्रिक टन LPG लेकर आया है, एक घरेलू सिलेंडर में लगभग 14.2 किलोग्राम LPG भरी जाती है. इस तरह से 46 हजार मीट्रिक टन में 32.4 लाख घरेलू सिलेंडर भरे जा सकते हैं. बता दें कि 14 मार्च को ईरान ने शिवालिक को हॉर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की इजाजत दी थी. वहीं, जहाज नंदा देवी और जग लाडकी कल तक भारत पहुंच सकता है. नंदा देवी जहाज पर भी 46,000 टन LPG लदा है.

युद्ध के बीच भारत का शिवालिक जहाज मुंद्रा पोर्ट पहुंचा है. 45 हजार मीट्रिक टन LPG लेकर शिवालिक पहुंचा है. कल नंदा देवी जहाज भी LPG की सप्लाई लेकर पहुंच रहा है. ईरान से अमेरिका-इजरायल के युद्ध का तीसरा हफ्ता शुरू हो चुका है. ईरान के खिलाफ इस युद्ध में प्रलय की स्थिति तो है लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप कहीं से भी निर्णायक भूमिका में नजर नहीं आ रहे. होर्मुज का समंदर न सिर्फ ट्रंप के लिए सैन्य चुनौती बन गया है, बल्कि कूटनीतिक झटके भी उन्हें मिलते दिख रहे हैं.






