
'मोबाइल ढूंढने में सिर्फ 7- 8 हजार रुपए ही खर्चे, एक लाख नहीं...', सस्पेंड हुए फूड इंस्पेक्टर ने 5 सवालों पर दी ये सफाई
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मोबाइल करीब 96,000 रुपए का था. लाखों लीटर पानी बहाने के बाद अधिकारी का मोबाइल तो मिल गया. लेकिन इस दौरान इतना पानी बह गया जिससे डेढ़ हजार एकड़ खेत की सिंचाई हो जाती. आखिरकार ऐसी क्या नौबत आ पड़ी कि भीषण गर्मी के बीच कीमती पानी की बर्बादी कर डाली? फूड इंस्पेक्टर राजेश विश्वास ने Aajtak के कुछ इसी तरह के सवालों के जवाब...
Chhattisgarh News: कांकेर जिले के पखांजूर में एक जलाशय के वेस्ट वेयर से 3 दिन तक लगातार पानी निकाला जाता रहा. 30 एचपी का पंप 3 दिन तक दिन रात चलता रहा और तालाब से पानी बहता रहा. जब आपको इस पानी बहाओ अभियान की सच्चाई का पता चलेगा तो आप भी चौंक जाएंगे. दरअसल, यहां छुट्टी मनाने आए एक फूड ऑफिसर का मोबाइल पानी में गिर गया था. मोबाइल करीब 96,000 रुपए का था. लाखों लीटर पानी बहाने के बाद अधिकारी का मोबाइल तो मिल गया. लेकिन इस दौरान इतना पानी बह गया जिससे डेढ़ हजार एकड़ खेत की सिंचाई हो जाती. अधिकारी की दलील है कि उन्होने इसके लिए सिंचाई विभाग के एसडीओ से मौखिक अनुमित अनुमति ले ली थी. खबर सुर्खियों में आते ही राजेश विश्वास को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है.
आखिरकार ऐसी क्या नौबत आ पड़ी कि भीषण गर्मी के बीच कीमती पानी की बर्बादी कर डाली? Aajtak ने कुछ इसी तरह के सवाल फूड इंस्पेक्टर राजेश विश्वास से पूछे:-
सवाल: गर्मियों के दिनों में डेढ़ लाख के iPhone के लिए 21 लाख लीटर पानी बर्बाद करने की वजह क्या थी?
जवाब: मेरे पास आईफोन नहीं, बल्कि SAMSUNG S23 था, जिसकी कीमत 95 हजार रुपए है. हर किसी का पर्सनल मोबाइल होता है. अगर मोबाइल खो जाता है तो सब पहले उसे ढूंढने की ही कोशिश करते हैं. मेरा मोबाइल भी टंकी यानी जलाशय के स्टोरेज वेस्ट वाटर में गिर गया था और पानी में 10 फीट नीचे पहुंच गया था. यह देख मेरे जानने वाले गांव के लोगों ने बोला कि हम लोग इसे निकाल देंगे. उन्होंने रविवार और सोमवार को गोता लगाकर पानी से मोबाइल निकालने की काफी कोशिश की थी. लेकिन नीचे कांच के टुकड़े होने और गंदगी होने के कारण उन्हें कुछ दिखाई नहीं दे रहा था. इसलिए गोताखोरों ने जलाशय को 2-3 फीट खाली करवाने की सलाह दी. इसी के चलते मैंने सिंचाई विभाग के एसडीओ से बात की और उन्हें बताया कि यह अनुपयोगी पानी है. क्या मैं इसके 2-3 फीट पानी को नहर के रास्ते बहा सकता हूं? इस पर एसडीओ ने मौखिक अनुमति दे दी. चूंकि जलाशय के पास बिजली की सुविधा नहीं है, इसलिए मैंने अपने डीजल पंप लगाकर जलाशय के 2-3 फीट पानी को नहर में डलवा दिया.
सवाल: मौखिक अनुमति कैसे कोई दे सकता है?
जवाब: जलाशय के अंदर का पानी निकालना होता तो उसकी लिखित अनुमति लेनी होती है. चूंकि यह जलाशय के स्टोरेज का पानी था. जहां पर लोग नहाने जाते हैं. यह पानी फेंकना या किसी किसान को देना संभव नहीं था, इसलिए स्टोरेज टैंक के पानी को थोड़ा बहुत निकालने की मौखिक इजाजत मिल गई.

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