
मोदी-योगी की मुलाकात में फोकस सिर्फ यूपी मंत्रिमंडल विस्तार ही या कुछ और भी?
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योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के बड़े नेताओं से मुलाकात की है. 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले ये मुलाकातें महत्वपूर्ण तो हैं ही, खास बात ये है कि योगी के साथ साथ यूपी के दोनों डिप्टी सीएम भी दिल्ली में मौजूद हैं.
योगी आदित्यनाथ दिल्ली के दौरे पर हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद और भी बड़े नेताओं से मिल रहे हैं. मोदी की ही तरह बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मिलने को भी योगी आदित्यनाथ ने शिष्टाचार मुलाकात बताया है.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राम मंदिर की प्रतिकृति भेंट की है. ये प्रतिकृति चांदी से बनी है, जिसमें गुलाबी मीनाकारी आर्ट का इस्तेमाल हुआ है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री कार्यालय दोनों की तरफ से ये तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की गई है.
प्रधानमंत्री मोदी के साथ करीब एक घंटा चली योगी आदित्यनाथ की ये मुलाकात कई मायनों में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जिसमें उत्तर प्रदेश में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार तो है ही - अब तो विधानसभा चुनाव में भी करीब एक साल का ही समय बचा हुआ है.
महज मंत्रिमंडल विस्तार ही या कुछ और भी?
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात को सूबे में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है. 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव से पहले भी ये काम हुआ था. और, चुनावी रणनीति के हिसाब से नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था.
तब सितंबर, 2021 में उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल विस्तार हुआ था. अभी तो ये साल की शुरुआत है. वैसे तब मंत्रिमंडल विस्तार टलने की एक बड़ी वजह भी मानी गई थी. उस वक्त योगी आदित्यनाथ और बीजेपी नेतृत्व के बीच एक पेच फंसा हुआ माना जा रहा था. पूर्व नौकरशाह अरविंद शर्मा को लेकर. टकराव की चर्चा और खबरें उनके वीआरएस लेने और एमएलसी बनने के साथ ही शुरू हो गई थीं. आखिरकार अरविंद शर्मा मंत्री बने भी, लेकिन चुनाव बाद बनी नई सरकार में.

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