
'मोदी मैजिक' फैक्टर पर डेंट, राहुल-प्रियंका पर भी सस्पेंस खत्म... जनादेश 2024 से निकले 5 संदेश
AajTak
भाजपा वसुंधरा राजे जैसे अपने क्षेत्रीय दिग्गज नेताओं का सही से इस्तेमाल करने में विफल रही, जो राजस्थान में कांग्रेस की वापसी को रोक सकते थे. वहीं गांधी भाई-बहन यानी राहुल-प्रियंका का सस्पेंस क्लियर हो गया है. इससे पहले तक चर्चाओं का बाजार गर्म था कि अमेठी और रायबरेली से कौन चुनाव लड़ेगा. प्रियंका गांधी का नाम दोनों सीटों पर प्रबल था. लेकिन उन्होंने चुनाव नहीं लड़ा.
लोकसभा चुनाव के नतीजे घोषित हो चुके हैं. NDA गठबंधन को बहुमत मिला है. लेकिन INDIA ब्लॉक के प्रदर्शन ने इस चुनाव को रोमांचक बना दिया. विपक्षी दलों का गठबंधन बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए को 300 के आंकड़े से नीचे सीमित करने में कामयाब रहा. वहीं बीजेपी भी बहुमत से नीचे रह गई है. ऐसे में इस बार के चुनाव और उसके नतीजों से पांच बड़ी बातें निकलकर सामने आती हैं.
1. एनडीए को मिलती बढ़त पर लगाम: INDIA ब्लॉक ने इस बार के लोकसभा चुनाव में 'मोदी मैजिक' फैक्टर को डेंट पहुंचाया है. पूरे चुनाव में बीजेपी ने मोदी फैक्टर को कल्याणवाद, राष्ट्रवाद और सांस्कृतिक पहचान के आधार पर खूब भुनाने की कोशिश की थी. न केवल विपक्ष ने आक्रामक और ध्रुवीकरण अभियान के बावजूद एनडीए को 300 से कम सीटों पर सफलतापूर्वक रोक दिया, बल्कि कांग्रेस ने भी 2019 की तुलना में 99 सीटें हासिल कर अपनी संख्या दोगुनी की. भाजपा तीन कार्यकालों में पहली बार अपने दम पर 272 के बहुमत के आंकड़े को पार नहीं कर सकी और 240 पर सिमट गई.
2. भाजपा-एनडीए अपने ही जाल में फंसी: भाजपा-एनडीए की प्रचार मशीनरी का '400 पार' का नारा इस चुनाव में उलटा पड़ गया. कारण, जब इतना बड़ा टारगेट सेट किया गया हो और एग्जिट पोल से लेकर राजनीतिक विश्लेषक तक ने नारे को सटीक बताया तो तब बीजेपी की 240 सीटों की जीत से मोदी फैक्टर को तगड़ा झटका लगता दिखता है.
3. भाजपा में क्षेत्रीय नेताओं का हाशिए पर जाना: भाजपा वसुंधरा राजे जैसे अपने क्षेत्रीय दिग्गज नेताओं का सही से इस्तेमाल करने में विफल रही, जो राजस्थान में कांग्रेस की वापसी को रोक सकते थे. कुछ लोग ऐसा भी कह रहे हैं कि उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ को राज्य के बाहर प्रचारक के रूप में प्रभावी ढंग से इस्तेमाल नहीं किया गया.
4. गांधी भाई-बहन का सस्पेंस सुलझा: अब गांधी भाई-बहन यानी राहुल-प्रियंका का सस्पेंस क्लियर हो गया है. इससे पहले तक चर्चाओं का बाजार गर्म था कि अमेठी और रायबरेली से कौन चुनाव लड़ेगा. प्रियंका गांधी का नाम दोनों सीटों पर प्रबल था. लेकिन उन्होंने चुनाव नहीं लड़ा. राहुल गांधी ने केरल में वायनाड और उत्तर प्रदेश में रायबरेली दोनों सीटें जीत ली हैं. वहीं अमेठी से पार्टी ने कार्यकर्ता के.एल शर्मा को उतारा था. जिन्होंने जीत दर्ज की. इस बार कांग्रेस के वोट शेयर में वृद्धि यह भी साबित करती है कि राहुल की रणनीति कारगर रही और उनके नेतृत्व में भारत जोड़ो यात्रा ने इसमें अहम भूमिका निभाई. 19 जून को 54 साल के होने वाले राहुल एक स्वीकार्य और सम्माननीय नेता बन गए हैं, जबकि प्रियंका गांधी एक प्रभावी अभियान योजनाकार के रूप में उभरी हैं. माना जा रहा है कि आगे भी यह जोड़ी ऐसे ही कमाल दिखाती रहेगी.
5. दलित वोट दिल्ली दरबार को तोड़ सकते हैं या बना सकते हैं: इस चुनाव में यह भी साबित हो गया है कि नए समीकरणों के साथ, दलित वोट अब दिल्ली के सपने को बना या बिगाड़ सकते हैं. सभी की निगाहें इस साल अक्टूबर में हरियाणा और महाराष्ट्र के विधानसभा चुनावों पर हैं, जो बताएंगे कि क्या दलित वोटबैंक एनडीए से छिटक रहा है और INDIA ब्लॉक में शामिल हो रहा है.

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी द्वारा लागू किए गए नए नियमों पर रोक लगा दी है. छात्रों ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा कि यूजीसी का यह कानून छात्रों में भेदभाव उत्पन्न करता है. छात्रों का कहना है कि वे नियमों में बदलाव नहीं बल्कि पुराने नियमों को वापस चाहते हैं. यदि नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया तो वे भविष्य में भी प्रदर्शन जारी रखेंगे.

जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के बाद उनके पैतृक गांव में समाधि दी जाएगी. जुकाम के इलाज में लगाए गए इंजेक्शन के महज 30 सेकंड बाद तबीयत बिगड़ने से मौत का दावा किया जा रहा है. घटना से संत समाज में गहरी नाराजगी है. संतों ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और सोशल मीडिया पर अनर्गल लिखने वालों पर कार्रवाई की मांग की है.

दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने सार्वजनिक शिकायतों के निपटारे में लापरवाही के आरोपों पर राजेंद्र नगर, कन्हैया नगर और अशोक विहार के जोनल रेवेन्यू अधिकारियों और कन्हैया नगर के एक असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर को सस्पेंड कर दिया. अचानक निरीक्षण में प्रशासनिक खामियां मिलने के बाद उन्होंने विभागीय कार्रवाई और प्रभावित जोनों में तत्काल नए अधिकारियों की तैनाती के आदेश दिए हैं.

देश के शिक्षण संस्थानों में दलित और आदिवासी छात्रों और शिक्षकों के साथ होने वाले भेदभाव को खत्म करने के लिए विश्विद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने नए नियम लागू किए थे, जिसे लेकर विरोध इतना बढ़ गया कि मामला अदालत तक पहुंच गया. सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है, जिसे लेकर राजनीतिक दलों के नजरिए अलग-अलग दिखे.

दक्षिण मुंबई के फोर्ट इलाके में पुलिसकर्मी बनकर एक केन्याई महिला से 66 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने ठाणे से 48 वर्षीय सुरेश रंगनाथ चव्हाण को गिरफ्तार किया है. उसका एक साथी अभी फरार है. 21 जनवरी को एम. जी. रोड पर आरोपी ने अपने साथी के साथ महिला की टैक्सी रोककर जांच के बहाने 66.45 लाख रुपये से भरे बैग जब्त किए और पुलिस स्टेशन चलने का कहकर फरार हो गया.








