
'मैं चुप नहीं रहूंगी...', कमला हैरिस ने इजरायली पीएम नेतन्याहू से गाजा में युद्ध समाप्त करने का आग्रह किया
AajTak
अमेरिका के राष्ट्रपति पद के चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार के तौर पर देखी जा रहीं हैरिस ने कहा, 'कई मामलों में दूसरी, तीसरी या चौथी बार विस्थापित होने के बाद सुरक्षा के लिए भाग रहे हताश, भूखे लोगों और मृत बच्चों की तस्वीरें हैं.
अमेरिका की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से हमास के साथ जल्द युद्धविराम समझौता करने और गाजा में विनाशकारी युद्ध 'स्थायी रूप से समाप्त' करने का आग्रह किया है. फलस्तीनी क्षेत्र में हताहतों की संख्या बढ़ने और मानवीय संकट गहराने के बीच हैरिस ने इजराइल के प्रधानमंत्री से यह आग्रह किया है. अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय 'व्हाइट हाउस' परिसर में हैरिस और नेतन्याहू की मुलाकात हुई.
मुलाकात के बाद उपराष्ट्रपति ने कहा, 'इजराइल को अपना बचाव करने का अधिकार है और वह ऐसा किस तरीके से करता है, यह मायने रखता है. पिछले नौ महीनों में गाजा में जो कुछ हुआ है वह विनाशकारी है.'
अमेरिका के राष्ट्रपति पद के चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार के तौर पर देखी जा रहीं हैरिस ने कहा, 'कई मामलों में दूसरी, तीसरी या चौथी बार विस्थापित होने के बाद सुरक्षा के लिए भाग रहे हताश, भूखे लोगों और मृत बच्चों की तस्वीरें हैं. हम इन त्रासदियों के सामने आंखें नहीं मूंद सकते. मैं चुप नहीं रहूंगी.' हैरिस ने द्वि-राष्ट्र समाधान की आवश्यकता पर भी जोर दिया.
इससे पहले गुरुवार को नेतन्याहू ने राष्ट्रपति जो. बाइडन से मुलाकात की. 'व्हाइट हाउस' में नेतन्याहू ने मुलाकात से एक दिन पहले कांग्रेस (अमेरिकी संसद) को संबोधित करते हुए हमास के खिलाफ 'पूर्ण जीत' का संकल्प जताया. इस दौरान, हजारों फलस्तीनी समर्थक प्रदर्शनकारियों ने संसद के बाहर प्रदर्शन किया. युद्ध के नौवें महीने में पहुंचने के साथ नेतन्याहू पर इजराइल-गाजा युद्ध को समाप्त करने के लिए लगातार दबाव बढ़ता जा रहा है.
हैरिस ने कहा, 'मैंने यह कई बार कहा है, लेकिन इसे दोहराना जरूरी है. इजराइल को अपना बचाव करने का अधिकार है और वह ऐसा किस तरीके से करता है, यह मायने रखता है. हमास एक क्रूर आतंकवादी संगठन है. हमास ने सात अक्टूबर को 44 अमेरिकियों सहित 1,200 निर्दोष लोगों की हत्या कर इस युद्ध की शुरुआत की.'
उन्होंने कहा, 'हमास ने यौन हिंसा के भयानक कृत्य किए हैं और 250 लोगों को बंधक बनाया. ऐसे अमेरिकी नागरिक हैं जो गाजा में बंदी बने हुए हैं.' उपराष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने नेतन्याहू के साथ अपनी बैठक के दौरान गाजा में बड़ी संख्या में निर्दोष आम नागरिकों की मौत होने समेत मानवीय पीड़ा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की.

इस वीडियो में जानिए कि दुनिया में अमेरिकी डॉलर को लेकर कौन सा नया आर्थिक परिवर्तन होने वाला है और इसका आपके सोने-चांदी के निवेश पर क्या प्रभाव पड़ेगा. डॉलर की स्थिति में बदलाव ने वैश्विक बाजारों को हमेशा प्रभावित किया है और इससे निवेशकों की आर्थिक समझ पर भी असर पड़ता है. इस खास रिपोर्ट में आपको विस्तार से बताया गया है कि इस नए भूचाल के कारण सोने और चांदी के दामों में क्या संभावित बदलाव आ सकते हैं तथा इससे आपके निवेश को कैसे लाभ या हानि हो सकती है.

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ब्रिटेन के पीएम की मेजबानी करते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय कानून तभी सच में असरदार हो सकता है जब सभी देश इसका पालन करें. राष्ट्रपति शी ने अमेरिका का नाम लिए बिना कहा कि अगर बड़े देश ऐसा करेंगे नहीं तो दुनिया में जंगल का कानून चलेगा. विश्व व्यवस्था जंगल राज में चली जाएगी.

ईरान की धमकियों के जवाब में अमेरिका ने मध्य-पूर्व में अपने कई सहयोगियों के साथ सबसे बड़ा युद्धाभ्यास शुरू किया है. यह युद्धाभ्यास US एयर फोर्सेज सेंट्रल (AFCENT) द्वारा आयोजित किया गया है, जो कई दिनों तक चलेगा. इस युद्धाभ्यास की घोषणा 27 जनवरी को हुई थी और यह अभी भी जारी है. माना जा रहा है कि यह अभ्यास अगले दो से तीन दिनों तक चलेगा. इस प्रयास का मकसद क्षेत्र में तनाव के बीच सैन्य तैयारियों को बढ़ाना और सहयोगियों के साथ सामरिक तालमेल को मजबूत करना है.

कोलंबिया और वेनेज़ुएला की सीमा के पास एक जेट विमान अचानक लापता हो गया. यह विमान फ्लाइट नंबर NSE 8849 थी जो कुकुटा से ओकाना की ओर जा रही थी. इस विमान ने सुबह 11 बजकर 42 मिनट पर उड़ान भरी थी लेकिन लैंडिंग से पहले ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया. राडार से इस विमान का अचानक गायब होना चिंता का विषय है.

वेनेजुएला में मिली बड़ी कामयाबी के बाद अब डॉनल्ड ट्रंप का आत्मविश्वास आसमान छू रहा है। कूटनीति के गलियारों में चर्चा है कि ट्रंप के मुंह 'खून लग गया है' और अब उनकी नज़रें क्यूबा और ईरान पर टिक गई हैं... और अब वो कह रहे हैं- ये दिल मांगे मोर...। ट्रंप की रणनीति अब सिर्फ दबाव तक सीमित नहीं है, बल्कि वे सीधे सत्ता परिवर्तन के खेल में उतर चुके हैं। क्या क्यूबा और ईरान ट्रंप की इस 'मोमेंटम' वाली कूटनीति का मुकाबला कर पाएंगे?








