
'मैं गद्दार नहीं, सब कांग्रेस पार्टी की वजह से हुआ', सूरत सीट से नामांकन रद्द होने के बाद बोले नीलेश कुंभानी
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सूरत से कांग्रेस उम्मीदवार रहे नीलेश कुंभानी का नामांकन रद्द होने के बाद पार्टी ने उन पर कार्रवाई करते हुए उन्हें 6 साल के लिए पार्टी से बाहर कर दिया. अब इस पर कुंभानी ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना पक्ष रखा है. कुंभानी ने कहा कि गद्दारी उन्होंने नहीं बल्कि कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने उनके साथ की है.
गुजरात में लोकसभा चुनाव के दौरान सूरत सीट पर कांग्रेस के उम्मीदवार नीलेश कुंभानी का नामांकन रद्द हो गया था. 21 अप्रैल को नामांकन रद्द होने के बाद वो गायब हो गए थे. इसके बाद शुक्रवार को उन्होंने अचानक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि जो भी हुआ उसके लिए कांग्रेस जिम्मेदार है.
उन्होंने कहा, मैंने कोइ गद्दारी नहीं की है, गद्दारी मेरे साथ कांग्रेस ने की थी. साल 2017 के विधानसभा चुनावों में मुझे कांग्रेस ने विधानसभा का टिकट दिया था और मेन्डेट भी दिया था फिर नामांकन के वक्त मेरा मेन्डेट किसी और उम्मीदवार को दे दिया गया था, उसे गद्दारी कहते हैं.
कांग्रेस नेताओं ने की गद्दारी: कुंभानी
सूरत में लोकसभा चुनाव में मुझे टिकट मिलने के बाद प्रचार शुरू कर दिया था. सभाएं कर रहे थे और सारी चीजें अच्छी तरह से चल रही थी पर सूरत में कुछ कांग्रेसी नेताओं को यह पसंद नहीं था. उन्होंने मुझे कहा कि आम आदमी पार्टी के नेताओं के साथ क्यों प्रचार कर रहे हो? अब विधानसभा चुनाव में सूरत की सीटों पर आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों को ज्यादा मत मिले थे और उनके साथ लोकसभा में गठबंधन है तो प्रचार करने में गलत क्या है ?
सबकुछ समझाने के बावजूद स्थानीय 4-5 कांग्रेसी नेता नहीं माने क्योंकि उनको लग रहा था कि हम अच्छी महेनत कर रहे हैं इसलिए उन्होंने प्रचार में आना बंद कर दिया और कार्यकर्ताओ को भी मना कर दिया.
नीलेश कुंभानी ने आगे, इसके बाद मेरी टीम और मेरे प्रस्तावकों ने मुझे कहा कि यह गलत हो रहा है, इसलिए उन्होने यह सब किया. यह कुछ भी पहले से प्लान नहीं था. मैंने चुनाव लड़ने की पूरी तैयारी की थी और हमेशा कांग्रेस के लिए काम किया है.

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