
'मेरा फोन 2 नवंबर को चोरी हो गया था...', शाहरुख खान को धमकी के आरोप में फंसे फैजान का दावा
AajTak
बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान के बाद अब 'जवान' स्टार शाहरुख खान को भी धमकी देने का मामला सामने आया है. कॉल करने वाले आरोपी का नाम फैजान खान बताया जा रहा है. अब फैजान ने आजतक से बात की है और कहा है कि उसका फोन कुछ दिन पहले चोरी हो गया था.
सुपरस्टार शाहरुख खान को जान से मारने की धमकी मिलने की खबर सामने आने के बाद बॉलीवुड इंडस्ट्री और शाहरुख के फैन्स हैरान हैं. जानकारी के अनुसार, कॉल करने वाले आरोपी का नाम फैजान खान बताया जा रहा है. कहा गया कि उसने शाहरुख को धमकी देने के बाद फोन बंद कर दिया है.
हालांकि, इस मामले में अब एक नया मोड़ सामने आया है. शाहरुख को धमकी देने के आरोपी फैजान ने आजतक से बात की है. फैजान ने कहा कि उसका फोन 2 नवंबर को चोरी हो गया था.
धमकी देने के आरोपी ने कही ये बात जानकारी के अनुसार, शाहरुख को धमकी मिलने के मामले में जांच कर रही मुंबई पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए कॉल ट्रेस की तो पता चला कि ये कॉल रायपुर से किया गया है. पुलिस ने रायपुर पहुंचकर जांच शुरू कर दी. रायपुर में पुलिस ने फैजान खान संग पूछताछ की. जहां फैजान ने बताया कि उसका फोन 5 दिन पहले ही चोरी हो चुका है.
धमकी में शाहरुख को क्या कहा गया? प्राप्त जानकारी के अनुसार, शाहरुख खान के नाम धमकी भरा कॉल 5 नवंबर को, दोपहर 1 बजकर 21 मिनट पर बांद्रा पुलिस को किया गया था. फोन करने वाले ने कहा, 'शाहरुख खान मन्नत बैंड स्टेंड वाला है ना... अगर उसने मुझे 50 लाख रुपये नहीं दिए, तो उसे मार डालूंगा.' जब पुलिस ने कॉल करने वाले से उसकी पहचान पूछी तो जवाब मिला, 'ये मैटर नहीं करता कि मेरा नाम क्या है... अगर लिखना ही है तो मेरा नाम हिन्दुस्तानी लिखो.'
सलमान को पहले से मिल रहीं धमकियां गुरुवार को इस खबर ने बॉलीवुड इंडस्ट्री और फैन्स को शॉक कर दिया कि सुपरस्टार शाहरुख खान को जान से मारने की धमकी दी गई है. धमकी देने वाले ने मुंबई के बांद्रा पुलिस स्टेशन में कॉल करके धमकी दी. गौरतलब ये है कि शाहरुख का घर भी मुंबई के बांद्रा इलाके में ही है.
पिछले महीने मुंबई में पॉलिटिशियन बाबा सिद्दीकी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के गैंग ने सोशल मीडिया पोस्ट में इस घटना की जिम्मेदारी ली थी. इसके बाद से ही सुपरस्टार सलमान खान की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी, जो न सिर्फ बाबा सिद्दीकी के दोस्त थे, बल्कि लॉरेंस बिश्नोई की उनसे पुरानी दुश्मनी भी रही है.

ईरान युद्ध के बीच पाकिस्तान की एक बड़ी साजिश बेनकाब हुई है. पाकिस्तान को लेकर खुलासा हुआ है कि वो उसने अपने एजेंट्स की मदद से भारत में सीसीटीवी लगवाए, जिनके जरिए वीडियो पाकिस्तान भेजे जा रहे थे. गाजियाबाद पुलिस ने पाकिस्तान की इस साजिश को नाकाम किया. पाकिस्तान ने इजरायल से सीख लेकर ऐसा किया. इजरायल ने तेहरान के ट्रैफिक कैमरों को हैक कर खामेनेई को लेकर अहम जानकारी जुटाई थी. देखें वीडियो.

डोनाल्ड ट्रंप ने पूरी दुनिया को कन्फ्यूज कर दिया है. एक तरफ डोनाल्ड ट्रंप और उनके दावे हैं. वहीं दूसरी तरफ इन दावों को आंख दिखाती हकीकत. सवाल ये है कि जंग की बिसात पर ट्रंप कौन सा खेल खेल रहे हैं. जंग की शुरुआत से अबतक डोनाल्ड ट्रंप अपनी आदत के मुताबिक अपने बयान बदल रहे हैं. दुर्भाग्य ये है कि ये जंग है. पहले दिन से वो कह रहे हैं कि हम जीत रहे हैं. जंग के 25 दिन बाद हकीकत कुछ और है. लेकिन वो कह रहे हैं कि उन्होंने ईरान को खत्म कर दिया है. फिर दबाव बढ़ाने के लिए उन्होंने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दे दिया. वहीं अचानक ये कहकर दुनिया को चौंका दिया कि 5 दिन युद्धविराम. ट्रंप की इन बातों ने बता दिया है कि उनके दिमाग में घोर कन्फ्यूजन है.

पश्चिम एशिया में बिगड़े हालातों पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पीएम मोदी की बातचीत हुई है. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर इसकी जानकारी दी. पीएम मोदी ने कहा है कि उन्हें ट्रंप का फोन आया और पश्चिम एशिया की स्थिति पर बात हुई. भारत तनाव कम करने और जल्द से जल्द शांति बहाल करने का समर्थन करता है. देखें वीडियो.

मोहम्मद बाघेर जोलघादर, ईरान के नए सुरक्षा रणनीतिकार होंगे. ईरान ने अली लारीजानी की जगह पर मोहम्मद बाघेर की नियुक्ति का ऐलान किया है. ईरान के सरकारी चैनल IRIB के मुताबिक सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने मोहम्मद बाघेर की नियुक्ति को मंजूरी दी है. ईरान का ये ऐलान ऐसे समय में हुआ है, जब बातचीत के राष्ट्रपति ट्रंप के एकतरफा ऐलान के बावजूद ईरान पलटवार से रुका नहीं. ईरान के हमलों से आज तेल अवीव में रिहाइशी इमारतों की बर्बादी की तस्वीरें आईं. उधर, इजरायल ने ईरान के खोर्रमशहर और इशफाहान में ऊर्जा केंद्रों पर हमले किए. इजरायल ने ईरान के कई शहरों में हमले किए हैं. बीती रात हुए हमलों से साफ है कि बातचीत के लिए 5 दिनों की जो मोहलत ट्रंप ने दी, उसका कोई नतीजा नहीं दिख रहा. इस बीच, वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब और UAE भी युद्ध में उतर सकते हैं. सवाल है कि इस युद्ध पर फुलस्टॉप कैसे लगेगा? क्या बातचीत के लिए ईरान को कथित तौर पर मोहलत देने का ट्रंप का दांव नाकाम है?









