
मुंबई में 6 साल पहले दो कर्मचारियों ने मैनेजर का किया था मर्डर, अब कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा
AajTak
मुंबई में छह साल पहले अपनी मैनेजर की हत्या करने वाले दो पूर्व कर्मचारियों को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है. इस मामले में मृतक का शव अबतक नहीं मिला है. मृतक को आखिरी बार आरोपी के साथ ही देखा गया था.
मुंबई के एक सैलून में काम करने वाले दो कर्मचारियों ने साल 2018 में अपने ही साथी की हत्या कर दी थी, इस मामले में यहां की सेशन कोर्ट ने दोनों पूर्व कर्मचारियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है. हालांकि मृतक कृति व्यास का शव अभी तक नहीं मिला है.
एडिशनल सेशन जज एमजी देशपांडे ने सोमवार को सिद्धेश ताम्हणकर और उनकी महिला सहकर्मी को आईपीसी की धारा 302 (हत्या) और 201 (अपराध के सबूतों को गायब करना) समेत कई धाराओं में दोषी ठहराया था. उसके बाद मंगलवार को दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई.
न्यूज एजेंसी के मुताबिक, दोषी पाए गए दोनों पूर्व कर्मचारी सैलून में अकाउंट एग्जीक्यूटिव और अकाउंट मैनेजर के रूप में काम करते थे और मृतक कृति व्यास को रिपोर्ट करते थे, जोकि फाइनेंस मैनेजर के तौर पर काम कर रही थी. आरोप है कि व्यास की हत्या इसलिए कर दी गई क्योंकि उन्होंने एक आरोपी को ठीक से काम नहीं करने के लिए मेमो जारी किया था. दोनों को डर था कि उनका अफेयर सबके सामने आ सकता है और नौकरी भी जा सकती है. व्यास को आखिरी बार आरोपी के साथ ही देखा गया था.
मार्च, 2018 में लापता हुई थी मैनेजर
पुलिस ने एक आरोपी की कार में मिले खून के सैंपल का डीएनए टेस्ट कराने के बाद मामले का खुलासा किया. अधिकारी ने कहा था कि वाहन का इस्तेमाल कथित तौर पर अपराध में किया गया था. व्यास 16 मार्च, 2018 को लापता हो गईं और उनके परिवार ने डीबी मार्ग पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराने से पहले उनका पता लगाने के लिए ग्रांट रोड और मुंबई सेंट्रल रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले. परिवार ने पुलिस को बताया था कि व्यास अंधेरी में सैलून के लिए ग्रांट रोड से सुबह 9.11 बजे विरार जाने वाली उपनगरीय ट्रेन में चढ़ती थी. बाद में यह मामला क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया था, इसमें दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसी है भारत की 3 लाख मीट्रिक टन LPG, सरकार ने बताया जहाजों का 'एग्जिट प्लान'
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में फंसे भारतीय जहाजों को लेकर भारत सरकार के अधिकारियों ने मंगलवार को प्रेस ब्रीफिंग में ताजा अपडेट दिया. शिपिंग मिनिस्ट्री के स्पेशल सेक्रेटरी राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि होर्मुज में अब भी भारतीय ध्वज वाले करीब 22 जहाज फंसे हैं, जिनमें से 6 लिक्विड पेट्रोलियम गैस कैरियर हैं. इन जहाजों की भी होर्मुज से सुरक्षित निकासी के लिए ईरान के साथ बातचीत चल रही है.

अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध का आज 18वां दिन है. ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमले जारी हैं. वहीं ईरान की ओर से भी लगातार जवाबी हमले हो रहे हैं. ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के अहम चेहरा लारीजानी को लेकर आई है. इजरायल के रक्षा मंत्री ने दावा किया है कि लारीजानी को हमले में मार दिया गया है. इजराइल का एक और बड़ा दावा है कि उसके हमले की जद में बसीज कमांडर भी आए हैं. दावे के मुताबिक बसीज पैरामिलिट्री फोर्स के कमांडर गुलामरेज़ा सुलेमानी को भी निशाना बनाया गया. बसीज, ईरान की एक अहम पैरामिलिट्री फोर्स है, जो आंतरिक सुरक्षा और विरोध प्रदर्शनों को दबाने में भूमिका निभाती है. खबर ये भी है कि लारीजानी के दफ्तर से दावा है कि कुछ देर में संदेश जारी होगा. लेकिन इजरायल सीधा दावा कर रहरा है कि हमले में लारीजानी को मार दिया गया है.

ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के अहम चेहरा अली लारीजानी को इजरायल ने टारगेट किया है. हालांकि ये अब तक साफ नहीं है कि अली लारीजानी की स्थिति कैसी है. इजराइल का एक और बड़ा दावा है कि उसके हमले की जद में बसीज कमांडर भी आए हैं. दावे के मुताबिक बसीज पैरामिलिट्री फोर्स के कमांडर गुलामरेज़ा सुलेमानी को भी निशाना बनाया गया. बसीज, ईरान की एक अहम पैरामिलिट्री फोर्स है, जो आंतरिक सुरक्षा और विरोध प्रदर्शनों को दबाने में भूमिका निभाती है.

एक तरफ अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान पर ताबड़तोड़ हमले कर रहे है. वहीं दूसरी तरफ हिज्बुल्लाह के खिलाफ इजरायल की जंग जारी है. इजरायल ने एक बार फिर लेबनान में हमला किया. लेबनान की राजधानी बेरूत में इजरायली एयर फोर्स ने एयर स्ट्राइक की. हिज्बुल्लाह के ठिकानों को इजरायल ने निशाना बनाया, हमले के बाद बेरूत के कई इलाकों में धमाके की आवाज सुनी गई. हमले के बाद काला धुआं भी उठता देखा गया.









