
मुंबई में सोसाइटी की लिफ्ट के अंदर फटे हाइड्रोजन गैस से भरे 'गुब्बारे', 3 लोग झुलसे- Video
AajTak
मुंबई के गोरेगांव पश्चिम स्थित अनमोल टॉवर में लिफ्ट के अंदर हाइड्रोजन गैस से भरे गुब्बारे फटने से आग लग गई, जिसमें दो लोग मामूली रूप से झुलस गए. घटना सीसीटीवी में कैद हुई. बताया गया कि बंद जगह में हाइड्रोजन गुब्बारे ले जाना बेहद खतरनाक है. हाइड्रोजन हल्की और अत्यंत ज्वलनशील गैस है, जो दबाव, चिंगारी या गर्मी से फैलकर तुरंत आग या विस्फोट का कारण बन सकती है. विशेषज्ञों ने सावधानी बरतने की सलाह दी.
मुंबई के गोरेगांव (पश्चिम) स्थित पेट्रोल पंप के सामने अनमोल टॉवर इमारत में एक खतरनाक घटना सामने आई है. यहां लिफ्ट के जरिए हाइड्रोजन गैस से भरे गुब्बारे ले जाए जा रहे थे. इसी दौरान एक लड़का गैस भरे गुब्बारों के साथ लिफ्ट में दाखिल हुआ, तभी लिफ्ट के अंदर गुब्बारा फट गया और अचानक आग भड़क उठी.
आग लगते ही लिफ्ट में मौजूद तीनों लोग तुरंत बाहर निकलने में सफल रहे. इस घटना में दो लोग मामूली रूप से घायल हुए हैं. पूरी घटना इमारत में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है. विशेषज्ञों के अनुसार हाइड्रोजन गैस अत्यंत ज्वलनशील होती है और बंद जगह जैसे लिफ्ट में इसे ले जाना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है, जिससे आग या विस्फोट का गंभीर खतरा रहता है. घटना के बाद नागरिकों और सोसायटी प्रबंधन से सतर्क रहने और इस तरह की गतिविधियों पर तुरंत रोक लगाने की अपील की गई है.
किन वजहों से फटते हैं हाइड्रोजन से भरे गुब्बारे हाइड्रोजन से भरे गुब्बारे कई वजहों से फट सकते हैं. यह गैस बहुत हल्की होती है, इसलिए गुब्बारा तेजी से ऊपर उठता है. ऊंचाई बढ़ने पर बाहर का वायुदाब घटता जाता है, जिससे गुब्बारे के भीतर मौजूद गैस फैलने लगती है. दबाव के अंतर के कारण रबर ज्यादा खिंच जाती है और एक सीमा के बाद गुब्बारा फट जाता है.
फटने के बाद क्या होता है? हाइड्रोजन की एक और बड़ी खासियत यह है कि यह बेहद ज्वलनशील गैस है. मामूली चिंगारी, गर्म सतह, जलती मोमबत्ती, सिगरेट या हल्का घर्षण भी इसे आग पकड़ने के लिए काफी होता है. गुब्बारा फटते ही हाइड्रोजन आसपास की ऑक्सीजन के साथ तुरंत मिलकर विस्फोटक स्थिति बना सकती है, जिससे तेज धमाका हो सकता है. यही कारण है कि हाइड्रोजन वाले गुब्बारों को संभालते समय अतिरिक्त सावधानी जरूरी होती है.
लिफ्ट के भीतर मौजूद युवक और युवती अचानक आग की चपेट में आ गए. लपटें इतनी तेज थीं कि कुछ पल के लिए सीसीटीवी का दृश्य भी साफ दिखाई नहीं दिया. अगले ही क्षण सभी लोग घबराकर लिफ्ट से बाहर निकलते नजर आए. घटना में तीन लोगों को मामूली चोटें आई हैं और उनका इलाज जारी है. विशेषज्ञों का कहना है कि लिफ्ट जैसी बंद जगह में हाइड्रोजन गैस वाले गुब्बारे ले जाना बेहद जोखिम भरा होता है, क्योंकि यह गैस तुरंत आग पकड़ सकती है और विस्फोट जैसी स्थिति पैदा कर सकती है.

आज सबसे पहले हम आपको वो तस्वीर दिखाएंगे. जो मुंद्रा पोर्ट से आई है. यहां स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में गरजती मिसाइल और बरसते ड्रोन्स के बीच से चलकर LPG गैस से भरा शिवालिक जहाज भारत आ गया है. इसमें इतनी गैस है जिससे 32 लाख 40 हजार LPG गैस सिलिंडर भरे जा सकते हैं. लगभग इतनी ही गैस लेकर एक और जहाज. नंदा देवी कल सुबह भारत पहुंच जाएगा. इसके बाद आपको इजरायल-अमेरिका और ईरान के युद्ध के 17वें दिन का हर अपडेट बताएंगे. जंग में पहली बार ईरान ने सेजिल मिसाइल दागी. ये मिसाइल बेहद खतरनाक है, इसके जरिए ईरान अपने देश के किसी भी हिस्से से पूरे इजरायल को निशाना बना सकता है. इस सबके बीच UAE में तेल डिपो में आग लगने के साथ ही दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी हमला हुआ.

दिल्ली एम्स ने 31 वर्षीय हरीश राणा के लिए पैसिव यूथेनेशिया प्रक्रिया शुरू कर दी है. इस के लिए हरीश को शनिवार को गाजियाबाद स्थित आवास से एम्स के डॉ. बीआर अंबेडकर संस्थान रोटरी कैंसर अस्पताल की पैलिएटिव केयर यूनिट में शिफ्ट किया गया है, जहां धीरे-धीरे हरीश के लाफ सपोर्ट सिस्टम को वापस लिया जाएगा, ताकि शरीर स्वाभाविक रूप से शांत हो जाए.

महायुद्ध सत्रह दिन से जारी है. मैं श्वेता सिंह इस वक्त इजरायल की राजधानी तेल अवीव में हूं. जहां आज भी ईरान की तरफ से मिसाइल से हमला किया जाता रहा. पश्चिम एशिया में युद्ध कब तक चलेगा इस सवाल पर इजरायल ने बड़ी बात कही है. दावा किया कि उसने कम से कम 3 हफ्ते तक युद्ध जारी रखने की योजना बनाई है. अमेरिका और इज़राइल के बीच ईरान पर युद्ध तीसरे हफ्ते में प्रवेश कर गया है, जिससे तेल की कीमतों पर असर पड़ रहा है. पिछले 15 दिनों में ईरान पर भारी बमबारी हुई है. लेकिन उसने हथियार नहीं डाले हैं, इसके बाद इजरायल कह रहा है कि उसकी योजना अगले 3 हफ्तों तक युद्द जारी रखने की है.

चंद्रपुर में एक बाघ के सड़क पार करने के दौरान लोगों की लापरवाही सामने आई. राहगीरों ने अपनी गाड़ियां रोककर बाघ को घेर लिया और उसके बेहद करीब जाकर सेल्फी और वीडियो बनाने लगे. यह घटना दुर्गापुर-मोहुर्ली रोड की है, जो ताडोबा टाइगर रिजर्व के पास है. वीडियो वायरल होने के बाद वन विभाग कार्रवाई की तैयारी कर रहा है.

युद्ध के मोर्चे पर ये समझ में नहीं आ रहा है कि इस युद्ध में जीत कौन रहा है. जिस ईरान को समझा जा रहा है कि सुप्रीम लीडर के मारे जाने के बाद वो सरेंडर कर देगा. वो कहीं से भी पीछे हटता नहीं दिख रहा है. बल्कि ईरान तो और ज्यादा अग्रेसिव हो गया है. और इजरायल के अलावा उसने यूएई का बुरा हाल किया हुआ है. दुबई को तो ईरान ने धुआं धुआं कर दिया. दुबई का हाल ये है कि उसकी ग्लोबल कैपिटल वाली इमेज को ईरान के हालिया हमलों से बहुत बड़ा डेंट लगा है.

पश्चिम एशिया में जंग से तेल और गैस की किल्लत की आशंका के बीच भारत के लिए अच्छी खबर है. भारतीय जहाज शिवालिक कतर से लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस लेकर भारत आ गया है, एलपीजी से लदा भारतीय जहाज शिवालिक गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर पहुंचा है. ये जहाज लगभग 46 हजार मीट्रिक टन LPG लेकर आया है, एक घरेलू सिलेंडर में लगभग 14.2 किलोग्राम LPG भरी जाती है. इस तरह से 46 हजार मीट्रिक टन में 32.4 लाख घरेलू सिलेंडर भरे जा सकते हैं. बता दें कि 14 मार्च को ईरान ने शिवालिक को हॉर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की इजाजत दी थी. वहीं, जहाज नंदा देवी और जग लाडकी कल तक भारत पहुंच सकता है. नंदा देवी जहाज पर भी 46,000 टन LPG लदा है.

युद्ध के बीच भारत का शिवालिक जहाज मुंद्रा पोर्ट पहुंचा है. 45 हजार मीट्रिक टन LPG लेकर शिवालिक पहुंचा है. कल नंदा देवी जहाज भी LPG की सप्लाई लेकर पहुंच रहा है. ईरान से अमेरिका-इजरायल के युद्ध का तीसरा हफ्ता शुरू हो चुका है. ईरान के खिलाफ इस युद्ध में प्रलय की स्थिति तो है लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप कहीं से भी निर्णायक भूमिका में नजर नहीं आ रहे. होर्मुज का समंदर न सिर्फ ट्रंप के लिए सैन्य चुनौती बन गया है, बल्कि कूटनीतिक झटके भी उन्हें मिलते दिख रहे हैं.






