
मुंबई पर टिकी है उद्धव की पूरी सियासत... अगर बीएमसी चुनाव हारे तो भंवर में फंस जाएगा सियासी फ्यूचर
AajTak
मुंबई की बीएमसी सहित 29 नगर निगम चुनाव के लिए 15 जनवरी को वोटिंग है. बीएमसी पर उद्धव ठाकरे की शिवसेना का 1996 से कब्जा है, लेकिन बदली ही राजनीति में उद्धव के लिए बीएमसी चुनाव किसी सियासी संजीवनी से कम नहीं है. अगरे जीते वापसी की संभावना बनी रहेगी और हारे भंवर में फंस जाएगा सियासी फ्यूचर?
महाराष्ट्र में अब बारी 74 हज़ार करोड़ रुपए के बजट वाली बीएमसी चुनाव की है. चुनाव आयोग ने मुंबई के बीएमसी सहित सभी 29 नगर निगम के लिए चुनाव का ऐलान कर दिया है. 15 जनवरी को मतदान होगा और 16 जनवरी को नतीजे आएंगे. बीएमसी पर उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना का 1996 से कब्जा है.
उद्धव ठाकरे के सामने अपना आखिरी किला बचाए रखने की चुनौती है, क्योंकि महाराष्ट्र की सत्ता पहले ही गंवा चुके हैं. सिर्फ सत्ता ही नहीं बल्कि पार्टी और बालासाहेब ठाकरे की विरासत भी उनके हाथों से निकल गई है. वहीं, महाराष्ट्र की सत्ता पर पूरी तरह से काबिज होने के बाद बीजेपी की नजर बीएमसी पर है. इस बहाने मुंबई की सियासत पर अपना दबदबा बीजेपी कायम रखना चाहती है.
बीएमसी की 227 पार्षद सीटें हैं, मेयर बनाने के लिए 114 सीटों की जरूरत है. महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के साथ रहते हुए बीजेपी मुंबई की सियासत पर अपना वर्चस्व कायम नहीं कर सकी, लेकिन अब एकनाथ शिंदे के सहारे फतह करने का प्लान बनाया है. ऐसे में उद्धव ठाकरे ने अपना आखिरी सियासी दुर्ग को बचाए रखने के राज ठाकरे से हाथ मिला लिया है. ऐसे में देखना है कि बीएमसी चुनाव में 'ठाकरे ब्रदर्स' कैसे फडणवीस-शिंदे की जोड़ी से पार पाते हैं?
बीएमसी पर उद्धव का एकक्षत्र राज
बीएमसी की सत्ता साढ़े तीन दशक से उद्धव ठाकरे की शिवसेना के हाथों है. महाराष्ट्र की सत्ता बदलती रही, लेकिन मुंबई की राजनीति पर उद्धव का कब्जा बरकरार रहा. 1996 से लेकर 2022 तक शिवसेना (यूबीटी) का मेयर चुना जाता रहा. इसकी वजह यह रही कि शिवसेना की सियासत मुंबई से शुरू हुई और सियासी आधार भी यहीं पर है.

महाराष्ट्र के नासिक में खुद को धर्मगुरु बताने वाले अशोक कुमार खरात पर दुष्कर्म, शोषण, जबरन गर्भपात, ठगी और जमीन विवाद में हत्या जैसे गंभीर आरोप लगे हैं. मामला एक गर्भवती महिला की शिकायत से सामने आया, जिसके बाद स्पाई कैमरे से 100 से ज्यादा वीडियो मिले. कई महिलाओं ने सालों तक शोषण का आरोप लगाया है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और जांच जारी है, जिसमें और बड़े खुलासों की आशंका है.

वेस्ट एशिया में छिड़ी जंग के बाद पैदा हुए हालातों पर प्रधानमंत्री लोकसभा को संबोधित कर रहे हैं. इस बीच उन्होंने कहा कि अब इस संकट को 3 सप्ताह से ज्यादा हो रहा है. इसका पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था पर, लोगों के जीवन पर बहुत ही विपरित असर हो रहा है. इसलिए पूरी दुनिया इस संकट के जल्द से जल्द समाधान के लिए सभी पक्षों से आग्रह भी कर रही है.











