
मायावती ने फिर चला यूपी के विभाजन का चुनावी दांव, 'जाट लैंड' को लेकर किया बड़ा वादा
AajTak
मायावती ने कहा कि पश्चिमी यूपी में, खासकर मुजफ्फरनगर जिले में हमने कोई भी दंगा नहीं होने दिया. सपा सरकार में जाट-मुस्लिम भाईचारे को तोड़ा गया. हमने जाट समाज की उपेक्षा नहीं की. मैं मुजफ्फरनगर से मुस्लिम प्रत्याशी को लड़ाना चाहती थी मगर दहशत में कोई नहीं लड़ा, फिर हरिद्वार से मुज़फ्फरनगर के मौलाना जमील को टिकट दिया है.
बसपा सुप्रीमो मायावती ने मुजफ्फरनगर के चुनावी मंच से एक बार फिर प्रदेश विभाजन का कार्ड चला है. यहां उन्होंने बसपा प्रत्याशी के समर्थन में रैली की और कहा कि, अगर केंद्र में उनकी सरकार मजबूती के साथ आती है तो पश्चिम उत्तर प्रदेश को अलग राज्य बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे. इस तरह से एक बार फिर विभाजन की बात चुनावी माहौल में सामने आ गई है.
बसपा ने मुजफ्फरनगर में की रैली दरअसल, बसपा सुप्रीमो मायावती रविवार को लोकसभा चुनाव के मद्देनजर, सहारनपुर पहुंची थीं. यहां उन्होंने अपने प्रत्याशी के प्रचार में एक जनसभा को संबोधित किया, जिसके बाद उन्होंने मुजफ्फरनगर लोकसभा सीट के लिए जीआईसी मैदान में भी एक रैली को संबोधित किया. बसपा ने यहां से दारा सिंह प्रजापति को प्रत्याशी बनाया है. मंच से जनता को संबोधित करते हुए मायावती ने कहा कि अगर केंद्र में उनकी सरकार मजबूती के साथ आती है तो पश्चिम उत्तर प्रदेश को अलग राज्य बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे.
क्या बोलीं मायावती? मायावती ने कहा कि पश्चिमी यूपी में, खासकर मुजफ्फरनगर जिले में हमने कोई भी दंगा नहीं होने दिया. सपा सरकार में जाट-मुस्लिम भाईचारे को तोड़ा गया. हमने जाट समाज की उपेक्षा नहीं की. मैं मुजफ्फरनगर से मुस्लिम प्रत्याशी को लड़ाना चाहती थी मगर दहशत में कोई नहीं लड़ा, फिर हरिद्वार से मुज़फ्फरनगर के मौलाना जमील को टिकट दिया है. देश में भ्रष्टाचार है और देश की सीमाएं सुरक्षित नहीं हैं. उन्होंने कहा कि पिछले कई सालों से मुसलमानों का शोषण किया जा रहा है. केंद्र में सरकार बनने पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश को अलग राज्य बनाने के लिए कठोर कदम उठाया जाएगा.
प्रदेश विभाजन रहा है बसपा के एजेंडे में शामिल बता दें कि बसपा के एजेंडे में प्रदेश का विभाजन शामिल रहा है, और मायावती खुले मंचों से इसकी मांग करती रही हैं. वहीं, उत्तर प्रदेश में दो मांगे तो हर चुनाव में प्रमुखता से उठती रही हैं. एक तो 'जाट लैंड' को अलग राज्य बनाया जाए तो वहीं, हाईकोर्ट की बेंच पश्चिमी उत्तर प्रदेश को मिले. इसके लिए आगरा और मेरठ का नाम भी चर्चा में रहा है. दरअसल, उत्तर प्रदेश सबसे बड़ी लोकसभा सीटों वाला राज्य है और पूर्व से पश्चिम तक इसमें काफी विविधता भी है. ऐसे में हाईकोर्ट इलाहाबाद में होने से कानूनी मामलों में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ता है. हाईकोर्ट की ही पीठ लखनऊ में बनाई गई है, लेकिन पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए यह भी बहुत नजदीक नहीं है.

77वें गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान दिल्ली-NCR की हवाई सुरक्षा पूरी तरह हाई अलर्ट पर रही. भारतीय वायुसेना के इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस ग्रिड ने परेड से लेकर बीटिंग रिट्रीट तक हर गतिविधि पर नजर रखी. सेना, नौसेना, दिल्ली पुलिस, SPG और NSG समेत कई एजेंसियों के समन्वय से राजधानी के आसमान को सुरक्षित रखा गया.

NATO बिना अमेरिका के युद्धाभ्यास कर रहा है. यानी अब वर्ल्ड ऑर्डर बिना अमेरिका के तय हो रहा है और इसे बर्दाश्त करना उसके लिए मुश्किल हो रहा है. इसलिए अमेरिका अपनी प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए किसी को टैरिफ की धमकी दे रहा है, किसी को युद्ध की धमकी दे रहा है.अब अमेरिका ने ईरान पर हमला ना करने के बदले अपनी कई शर्तें मानने की चेतावनी दी है. ऐसे में सवाल है क्या अमेरिका अपने वर्चस्व को बरकरार रखने के लिए कोई बड़ा कदम उठा सकता है? देखें ब्लैक एंड व्हाइट.

देश की सर्वोच्च अदालत ने UGC के नए नियमों से सामान्य वर्ग को नफरती करके फंसाए जाने की आशंका को गंभीरता से लिया है. कॉलेज कैंपस में भेदभाव रोकने के नाम पर 13 जनवरी के नियमों को सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है. इसके बाद सामान्य वर्ग की राजनीतिक ताकत और इस मुद्दे के व्यापक मायनों पर चर्चा तेज हो गई है. जातिगत भेदभाव रोकने के लिए बनाए गए इन नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक ने इसके भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं.










