
माओरी डांस कर बिल की कॉपी फाड़ी, न्यूजीलैंड की महिला सांसद फिर चर्चा में, Video वायरल
AajTak
न्यूजीलैंड की संसद में एक बिल पेश किया गया. यह बिल ब्रिटेन और माओरी के बीच 184 साल पुरानी एक संधि से जुड़ा हुआ था, जिसका विरोध करते हुए माओरी समुदाय के सांसदों ने संसद में हंगामा मचाना शुरू कर दिया. इस दौरान बिल की कॉपी भी फाड़ दी गई.
न्यूजीलैंड की संसद में गुरुवार को एक बिल पर जमकर बवाल हुआ. इस बवाल की तस्वीरें दुनियाभर में जमकर वायरल हो रही हैं. लेकिन देश की संसद में हुए इस हंगामे से एक बार फिर वहां की युवा सांसद हाना रावाहिती सुर्खियों में आ गई हैं. लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है देश के पारंपरिक माओरी हाका डांस की.
दरअसल न्यूजीलैंड की संसद में एक बिल पेश किया गया. यह बिल ब्रिटेन और माओरी के बीच 184 साल पुरानी एक संधि से जुड़ा हुआ था, जिसका विरोध करते हुए माओरी समुदाय के सांसदों ने संसद में हंगामा मचाना शुरू कर दिया. इसका विरोध करते हुए हाना ने बिल की कॉपी भी फाड़ दी. सांसदों का माओरी हाका डांस कर बेहद अनूठे तरह से प्रोटेस्ट करने का यह तरीका अब सुर्खियां बटोर रहा है. इस बीच हंगामे के दौरान सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई.
संसद में किस बिल पर हुआ विवाद?
ब्रिटेन और माओरी समुदाय के 500 से अधिक प्रमुखों के बीच 1840 में एक संधि हुई थी. यह संधि माओरी समुदाय के अधिकारों से जुड़ी हुई थी. लेकिन सरकार ने पिछले हफ्ते संसद में एक बिल पेश किया था, जिसमें वेतांगी संधि में कुछ बदलावों की बात कही गई थी. लेकिन माओरी इसका विरोध कर रहे हैं. देश की सेंटर-राइट गठबंधन सरकार में एक्ट न्यूजीलैंड पार्टी भी शामिल है.
बता दें कि ये पहली बार नहीं है, इससे पहले भी हाना रावाहिती ने संसद में माओरी हाका डांस कर अपना मुद्दा उठाया था. बता दें कि हाका एक युद्धगीत है, जिसे पूरी ताकत और पारंपरिक भाव-भंगिमाओं के साथ किया जाता है.
कौन हैं हाना राविती?

वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.

आज सबसे पहले आपको उस रिपोर्ट के बारे में बताएंगे, जिसके मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है. और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है. ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे?











