
महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा पर नक्सलियों के साथ पुलिस की मुठभेड़, हथियार और डेटोनेटर बरामद
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पुलिस और नक्सलियों की मुठभेड़ तीन स्थानों पर हुई और दो घंटे तक चली. पुलिस को रविवार दोपहर खुफिया सूचना मिली कि माओवादियों के भामरागढ़ दलम ने गढ़चिरौली के कवांडे में हाल ही में खुले फुट ओवरब्रिज के पास महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा पर एक शिविर बनाया है
Maharashtra-Chhattisgarh Border Naxalite Police Encounter: महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में छत्तीसगढ़ सीमा के पास नक्सलियों के साथ पुलिस की मुठभेड़ हो गई. इसके बाद पुलिस ने सोमवार को नक्सलियों के दो हथियार, कई जिंदा कारतूस, डेटोनेटर और अन्य सामग्री बरामद की है. हालांकि नक्सली वहां से भागने में कामयाब रहे. मगर उनके घायल होने की संभावना है.
गढ़चिरौली के पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में बताया गया कि मुठभेड़ तीन स्थानों पर हुई और दो घंटे तक चली. पुलिस को रविवार दोपहर खुफिया सूचना मिली कि माओवादियों के भामरागढ़ दलम ने गढ़चिरौली के कवांडे में हाल ही में खुले फुट ओवरब्रिज के पास महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ सीमा पर एक शिविर बनाया है
पीटीआई के मुताबिक, विज्ञप्ति में बताया गया कि इन सूचनाओं के आधार पर, नक्सली हिंसा से निपटने के लिए विशेष पुलिस इकाई सी-60 के लगभग 200 कमांडो के साथ रविवार शाम को अतिरिक्त एसपी एम. रामेस के नेतृत्व में एक अभियान शुरू किया गया.
सोमवार की सुबह जब पुलिस की टुकड़ी अभियान चला रही थी, तो माओवादियों ने उन पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद सी-60 टुकड़ी ने भी जवाबी कार्रवाई की. दो घंटे की अवधि में तीन स्थानों पर माओवादियों के साथ रुक-रुक कर गोलीबारी हुई.
बयान में कहा गया है कि मुठभेड़ बंद होने के बाद पुलिस ने दो हथियार बरामद किए हैं. जिनमें एक स्वचालित इंसास राइफल और एक सिंगल-शॉट राइफल - एक मैगजीन, कई जिंदा कारतूस, डेटोनेटर, एक रेडियो, 3 'पिट्ठू' (माओवादियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले बैग), बड़ी मात्रा में नक्सली साहित्य और सामान शामिल है.
सी-60 कमांडो ने माओवादियों द्वारा स्थापित शिविर को पूरी तरह से नष्ट कर दिया. बयान में कहा गया है कि कुछ माओवादियों के घायल होने या मारे जाने और अन्य द्वारा घसीटे जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है.

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