
महारानी एलिजाबेथ के बेटे को भाया भारतीय योगी का 'तंत्र-मंत्र' और मसाज, विवाद क्यों?
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महारानी एलिजाबेथ के प्रिय बेटे प्रिंस एंड्रयू वर्षों से एक भारतीय योगी से इलाज करा रहे हैं. इस इलाज में होने वाले हजारों पाउंड के खर्च को पहले शाही खजाने से दिया जाता था लेकिन अब स्थिति बदल गई है. किंग चार्ल्स अब अपने भाई के इस इलाज के लिए पैसे नहीं देना चाहते हैं. उन्होंने अपने भाई से कह दिया है कि वो खुद से इस खास इलाज का खर्च वहन करें.
ब्रिटिश शाही परिवार का एक प्रिंस आधुनिक चिकित्सा पद्धति को छोड़कर भारतीय योगी से अपना इलाज करा रहा है. ब्रिटेन के प्रिंस एंड्रयू कई सालों से अपने इलाज के लिए एक भारतीय योगी के संपर्क में हैं. भारत के योगी उनके इलाज के लिए तंत्र-मंत्र, मसाज और थेरेपी का इस्तेमाल करते हैं. इसमें आने वाले खर्च को पहले उनकी मां ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय शाही खजाने से देती थीं लेकिन अब उनकी मौत के बाद स्थिति बदल गई है. प्रिंस एंड्रयू के भाई यानी ब्रिटेन के किंग चार्ल्स ने योगी के चिकित्सा खर्च को वहन करने से इनकार कर दिया है.
ब्रिटेन के अखबार, डेली एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, शाही बजट को सीमित करने के लिए किंग चार्ल्स ने प्रिंस एंड्रयू को 32 हजार पाउंड (31 लाख 76 हजार, 960 रुपये) का भुगतान करने से इनकार कर दिया है. यह खर्च प्रिंस एंड्रयू ने भारतीय योगी से अपने इलाज पर किया है.
हर साल इस खास 'लग्जरी' इलाज पर होने वाले खर्च के क्लेम पर एंड्रयू की मां महारानी एलिजाबेथ द्वितीय हस्ताक्षर करती थीं. एलिजाबेथ द्वितीय बिना किसी सवाल के हजारों पाउंड के क्लेम पर हस्ताक्षर कर देती थीं लेकिन इस बार किंग चार्ल्स ने अपने भाई को बड़ा झटका दिया है.
'लग्जरी इलाज का खर्च खुद वहन करें एंड्रयू'
किंग चार्ल्स ने अपने भाई से कहा है कि वो इस खर्च को खुद वहन करें, शाही खजाने से इस खास इलाज के लिए उन्हें कोई पैसा नहीं मिलेगा.
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि प्रिंस एंड्रयू भारतीय पुरुष योगी को इलाज के लिए खास तौर पर अपने शाही लॉज में बुलाते हैं. भारतीय योगी वहां एक महीने तक रहकर प्रिंस एंड्रयू का इलाज करते हैं. इस दौरान उनकी गोपनीयता का खास ख्याल रखा जाता है.

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