
महाराजगंज में कांग्रेस ने अब वीरेंद्र चौधरी पर लगाया दांव, 2019 में यहीं से हार गई थीं सुप्रिया श्रीनेत
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उत्तर प्रदेश के महाराजगंज लोकसभा सीट से गठबंधन ने अपने उम्मीदवार का ऐलान कर दिया है. गठबंधन में ये सीट कांग्रेस पार्टी के खाते में गई है. कांग्रेस ने आठवीं सूची में अपने प्रदेश उपाध्यक्ष और पार्टी से फरेंदा विधानसभा से विधायक वीरेंद्र चौधरी पर अपना दांव लगाया है.
यूपी की महाराजगंज सीट पर इंडिया ब्लॉक ने भी अपने पत्ते खोल दिए हैं. कांग्रेस ने वीरेंद्र चौधरी को लोकसभा चुनाव में अपना उम्मीदवार घोषित किया है. चौधरी महाराजगंज जिले की फरेंदा सीट से विधायक हैं और पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष भी हैं. 2019 के चुनाव में कांग्रेस ने महाराजगंज से पार्टी प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत को मैदान में उतारा था. हालांकि, वे हार गई थीं और सिर्फ 72 हजार 516 वोट हासिल कर पाई थीं.
2024 का चुनाव एक बार फिर रोचक होने जा रहा है. महाराजगंज सीट पर इंडिया ब्लॉक के वीरेंद्र चौधरी का मुकाबला बीजेपी के पंकज चौधरी से होगा. पंकज यहां से लगातार 6 बार चुनाव जीत चुके हैं और केंद्र की मोदी सरकार में वित्त राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. 2019 में पंकज को 7 लाख 26 हजार से ज्यादा वोट मिले थे. दूसरे नंबर पर सपा के अखिलेश को 3 लाख 85 हजार से ज्यादा वोट मिले थे. इस बार महाराजगंज सीट पर सपा का उम्मीदवार नहीं होगा. इंडिया ब्लॉक में सपा सहयोगी पार्टी है और अलायंस में यह सीट कांग्रेस के हिस्से आई है.
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'2022 के चुनाव में जीते वीरेंद्र चौधरी'
कांग्रेस उम्मीदवार वीरेंद्र चौधरी इससे पहले विधानसभा का चुनाव लड़ चुके हैं. वे पांच बार हार मिलने के बाद छठे चुनाव में विधानसभा पहुंचे. 2022 में चौधरी ने फरेंदा से 1246 वोट से बीजेपी के बजरंग बहादुर सिंह को हराया था. 2017 के विधानसभा चुनाव में चौधरी को 2354 वोटों के अंतर हार मिली थी. उन्हें बीजेपी के बजरंग बहादुर सिंह ने हराया था.
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