
महाकुंभ में IIT बाबा के बाद अब छाए पहलवान बाबा, डोले-शोले देखकर हर कोई हैरान
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महाकुंभ में अपनी फिटनेस और डोले-शोले से चर्चा का विषय बने हुए पहलवान बाबा का कहना है कि आज के युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए मैंने मुहिम चला रखी है. उन्होंने युवाओं से घर का भोजन करने और रोज कसरत करने की अपील की है.
प्रयागराज के महाकुंभ से रोज नए-नए बाबा सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं. पहले IIT वाले बाबा अभय सिंह ने काफी सुर्खियां बंटोरी और अब पहलवान बाबा छाए हुए हैं. कुंभ में पहलवान बाबा के नाम से मशहूर राजपाल सिंह ने युवाओं को नशे से दूर रखने की मुहिम चला रखी ई है और इसी मुहिम को आगे बढ़ाने के मकसद से वह प्रयागराज के महाकुंभ में पहुंचे हैं. उनका कहना है कि देश के युवाओं को जगाना है, नशे को भगाना है और भारत को विश्व गुरु बनाना है.
सिर के बल फुटबॉल पर खड़े होने की क्षमता
अपने उद्देश्य पर बात करते हुए पहलवान बाबा ने कहा कि हम जहां भी जाते हैं वहीं युवाओं को जगाते हैं. उन्होंने कहा कि मेरी उम्र 50 साल की हो चुकी है लेकिन मैं एक हाथ से 10 हजार पुशअप लगा लेता हूं. साथ ही चक्रीदंड लगा लेता हूं, फुटबॉल के ऊपर भी हाथ के बल खड़ा हो सकता हूं. उन्होंने कहा कि जब मैं 50 साल की उम्र में इतनी मेहनत कर सकता हूं तो हमारे युवा ऐसा क्यों नहीं कर सकते. उन्हें प्रेरित करने के उद्देश्य से ही मैंने ये मुहिम चलाई है.
महाकुंभ में अपनी फिटनेस और डोले-शोले से चर्चा का विषय बने हुए पहलवान बाबा ने कहा कि आज का युवा बहुत भटका हुआ है. गलत संगत में पड़ने की वजह से, कुछ गलत चीजें खाने की वजह से वह शारीरिक और मानसिक तौर पर कमजोर हो चुके हैं और नशे की लत में हैं. उन्होंने कहा कि घर का देसी भोजन खाएंगे तो वह भी मेरी तरह मजबूत और स्वस्थ हो जाएंगे. उन्होंने बताया कि मेरे अड़ोस-पड़ोस और रिश्तेदारी में कुछ बच्चे ऐसे थे जो रास्ता भटक गए थे तो मैंने उनको काफी समझाने की कोशिश की और पिटाई भी लेकिन उनपर कोई असर नहीं पड़ा. ऐसे में मैंने सोचा क्यों न मुहिम चलाकर उन्हें सही रास्ते पर लाया जाए.
युवाओं से सही रास्ते पर आने की अपील
पहलवान बाबा का कहना है कि जितना बताने ने नहीं सीखते उससे, कहीं ज्यादा हम दिखाने से सीख पाते हैं. इसी वजह से मैंने 50 साल की उम्र में एक ऐसा माहौल बनाया है कि जहां भी जाता हूं अपनी बॉडी और मेहनत दिखाकर युवाओं से सही राह पर चलने की अपील करता हूं. अगर मैं इस उम्र में यह कर सकता हूं तो युवा साथी तो इससे भी ज्यादा कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि मेरे पास रोज 15-20 फोन आते हैं और लोग अपने बच्चों की गंदी लतों के बारे में मुझे बताते हैं. साथ ही कुछ ऐसे हैं जिन्होंने मेरी बात मानकर नशे की लत छोड़ दी है. अगर मेरे दिखाए रास्ते पर चलकर किसी का कल्याण होता है तो इससे ज्यादा खुशी की बात कुछ नहीं है.

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