
महाकुंभ भगदड़: किसकी गलती थी... क्या टल सकता था हादसा? जानें संगम पर उस रात आखिर हुआ क्या
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कुंभ हो, अर्द्धकुंभ हो, पूर्ण कुंभ हो या महाकुंभ हो, इन सबमें सबसे बड़ा अमृत स्नान मौनी अमावस्या का होता है. इस स्नान को मोक्ष की प्राप्ति के लिए जरूरी माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन प्रयागराज की त्रिवेणी में अमृत बहता है, जिसकी वजह से ज्यादातर लोग 'गंगा' नदी या यमुना नदी में स्नान करने के बजाय संगम की नोज़ में स्नान करने का संकल्प लेते हैं.
महाकुंभ के मेला क्षेत्र में जो मंजर बुधवार को देखा गया उसने सभी को सदमे में डाल दिया. एक व्यक्ति ने अपने परिजन का शव खोने के डर से तब तक उसका हाथ नहीं छोड़ा, जब तक कि वो शव अस्पताल के मुर्दाघर नहीं पहुंच गया. उसे डर था कि अगर वो शव का हाथ छोड़ देगा तो उसे अपने रिश्तेदार की लाश तक नसीब नहीं होगी. चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल और करोड़ों लोगों की भीड़ में प्रशासन मृतकों और घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए संघर्ष कर रहा था. वीडियो में घटना के बाद संगम के पास 50 से ज्यादा एंबुलेंस नजर आ रही थीं. चारों तरफ जूते, चप्पल, कंबल, बैग और कपड़े बिखरे हुए थे.
दावा है कि ये सारा सामान उन श्रद्धालुओं का था, जो संगम के पास मौनी अमावस्या का अमृत स्नान करने के लिए अपने परिवारों के साथ रुके हुए थे. लेकिन इसी दौरान लोगों की जो भीड़ संगम की तरफ जा रही थी, उसमें भगदड़ मच गई और इस भगदड़ में ये भीड़ उन लोगों पर गिर गई, जो वहां सो रहे थे या अपने परिवारों के साथ अमृत स्नान करने का इंतजार कर रहे थे. इस भगदड़ के बाद सैकड़ों लोग अपनों से भी बिछड़ गए और कई लोगों के शवों को एंबुलेंस से अस्पताल लाया गया.
30 की मौत, CM हुए भावुक
आजतक की टीम जब महाकुंभ के केंद्रीय अस्पताल पहुंची तो वहां फर्श पर 11 लाशें दिख रही थीं, जिनकी तस्वीरें आपको विचलित भी कर सकती हैं. अभी तक हम हर रोज महाकुंभ की भव्य तस्वीरें देख रहे थे जिसमें हर रोज करोड़ों लोग स्नान कर रहे थे. कहीं कोई अप्रिय घटना नहीं हुई लेकिन किसी ने भी यह कल्पना नहीं की थी कि हमें महाकुंभ की दिव्य तस्वीरों के बाद आज ये दुखद तस्वीरें देखनी पड़ेंगी, जिसमें हम महाकुंभ में स्नान के बजाय मौत के आंकड़े देखेंगे.
इस भगदड़ में 30 लोगों की मौत हुई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी आज इस घटना पर बयान देते हुए भावुक हो गए. आज भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में इस 'भगदड़' की चर्चा हो रही है. हर कोई यही जानना चाहता है कि ये घटना महाकुंभ में कहां हुई, कैसे हुई, क्यों हुई और क्या इसके पीछे कोई साजिश भी हो सकती है? सबसे पहले ये जानते हैं कि ये घटना महाकुंभ के किस सेक्टर और किस घाट पर हुई?
उस रात आखिर संगम पर हुआ क्या?

वेस्ट एशिया में छिड़ी जंग के बाद पैदा हुए हालातों पर प्रधानमंत्री लोकसभा को संबोधित कर रहे हैं. इस बीच उन्होंने कहा कि अब इस संकट को 3 सप्ताह से ज्यादा हो रहा है. इसका पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था पर, लोगों के जीवन पर बहुत ही विपरित असर हो रहा है. इसलिए पूरी दुनिया इस संकट के जल्द से जल्द समाधान के लिए सभी पक्षों से आग्रह भी कर रही है.












