
मसूद अजहर पर सस्पेंस, पाकिस्तान-अफगानिस्तान ने लगाए एक दूसरे के देश में छिपे होने के आरोप
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जैश ए मोहम्मद के चीफ मौलाना मसूद अजहर को लेकर पाकिस्तान और अफगानिस्तान आमने सामने आ गए हैं. तालिबान ने मसूद अजहर के अफगानिस्तान में होने से इनकार कर दिया है. इतना ही नहीं तालिबान ने दावा किया है कि मसूद अजहर पाकिस्तान में है. दरअसल, पाकिस्तान ने तालिबान से अजहर को गिरफ्तार करने के लिए कहा था.
जैश ए मोहम्मद के चीफ मौलाना मसूद अजहर को लेकर पाकिस्तान और अफगानिस्तान आमने सामने आ गए हैं. तालिबान ने मसूद अजहर के अफगानिस्तान में होने से इनकार कर दिया है. इतना ही नहीं तालिबान ने दावा किया है कि मसूद अजहर पाकिस्तान में है.
तालिबान का ये बयान पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान को लिखे उस पत्र के बाद आया, जिसमें मसूद अजहर की गिरफ्तारी की मांग की गई थी. दरअसल, पाकिस्तान ने FATF की कार्रवाई से बचने के लिए अफगानिस्तान को पत्र लिखकर मसूद अजहर को गिरफ्तार करने की मांग की थी. पाकिस्तान में पत्र में कहा था कि मसूद अजहर के अफगानिस्तान के नंगरहार और कुनार इलाकों में छिपे होने की संभावना है. ऐसे में उसे गिरफ्तार कर सूचित किया जाना चाहिए.
अफगानिस्तान ने कहा- कोई पत्र नहीं मिला
वहीं, अब इस पत्र पर तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने जवाब दिया है. तालिबान ने कहा कि जैश ए मोहम्मद चीफ अफगानिस्तान में नहीं है. यह एक ऐसा संगठन है जो पाकिस्तान में हो सकता है. वैसे भी वह अफगानिस्तान में नहीं हैं. उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें पाकिस्तान की सरकार से कोई पत्र नहीं मिला. हालांकि, इस पत्र के बारे में समाचारों में सुना है. उन्होंने कहा कि हम इस पर यही कहना चाहते हैं कि यह सच नहीं है.
उधर, अफगानिस्तान में तालिबानी विदेश मंत्रालय ने कहा कि ऐसे आरोप काबुल और इस्लामाबाद के रिश्तों पर असर डाल सकते हैं. मंत्रालय ने कहा, हम सभी पक्षों से बिना सबूत और दस्तावेजों के ऐसे आरोपों से बचने की अपील करते हैं. इस तरह के मीडिया के आरोप द्विपक्षीय संबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं.
FATF की कार्रवाई से बचने के लिए दिखावा कर रहा पाक! दरअसल, पेरिस स्थित अंतरराष्ट्रीय निगरानी संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स के दवाब में पाकिस्तान ने आतंकवादियों पर कार्रवाई जैसे कदम उठाने का दिखावा किया है, ताकि वह FATF की ग्रे लिस्ट से बाहर आ सके.

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