
मरे हुए दोस्तों का मांस खाकर रहे 72 दिन जिंदा, प्लेन क्रैश में बचे 16 लोगों की भयावह कहानी
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एंडीज प्लेन क्रैश की कहानी पर नेटफ्लिक्स ने एक फिल्म बनाई है, 'सोसाइटी ऑफ द स्नो.' कहानी 1972 की है जब उरुग्वे वायु सेना का विमान एंडीज पर्वत की चोटी से टकराकर क्रैश हो गया. इस क्रैश में जीवित बचे लोगों ने माइनस 30 डिग्री तापमान में जिस तरह जिंदगी की जंग लड़ी, वो रूह कंपा देने वाली है.
'पहली बार जब मैंने इंसानी मांस खाया तो मेरे शरीर ने उसे बाहर फेंक दिया...लेकिन हमारे लिए इससे भी बुरा समय आ रहा था...', 1972 के एंडीज विमान दुर्घटना के 16 बचने वाले लोगों में एडुआर्डो स्ट्रॉच भी शामिल थे. यह कहानी है समुद्रतल से 12,000 फीट की ऊंचाई पर माइनस 30 डिग्री तापमान में बिना खाना-पानी के 72 दिन मौत से घिरे रहने के बावजूद जिंदगी की जंग लड़ने की.
एंडीज विमान दुर्घटना और उसमें बचे लोगों की जिजीविषा की कहानी पर एक फिल्म बनी है, 'सोसाइटी ऑफ द स्नो', जो हाल ही में नेटफ्लिक्स पर रिलीज की गई है.
13 अक्टूबर 1972 का दिन था जब उरुग्वे एयर फोर्स की फ्लाइट 571 ने क्रू समेत 45 लोगों के साथ उड़ान भरी. मौसम बेहद खराब था और विमान के सामने क्या है, पायलट के लिए देख पाना एकदम मुश्किल था. पायलट ने जहाज की स्थिति का गलत अनुमान लगाया और देखते ही देखते विमान एंडीज पर्वत की चोटी से टकराकर क्रैश हो गया.
इस क्रैश में विमान में सवार 45 लोगों में से 33 लोग जिंदा बचे लेकिन इन जिंदा बचे लोगों के लिए आगे का वक्त मौत से भी बदतर था. रूह कंपा देने वाली ठंड में 33 लोग बिना पर्याप्त कपड़ों के धीरे-धीरे मरने लगे. एंडीज पर्वत पर ठंड इतनी ज्यादा थी कि बर्फ के अलावा वहां कुछ नहीं था.
पहले जूते, कपड़े फिर इंसानी मांस को खाने लगे लोग
कुछ ही दिनों में विमान का बचा खुचा खाना खत्म हो गया और भूखे लोगों ने पेट दर्द रोकने ने लिए अपने जूतों और कपड़ों तक को खाना शुरू कर दिया.

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