
मरे हुए अपनों से 'मुलाकात' कर रहे लोग, पैसे देकर ऐसे करते हैं बातचीत
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चीन में इन दिनों लोग पैसे देकर अपने मृत परिजनों को 'पुनर्जीवित' कर रहे हैं. अब आप सोचेंगे कि भला ये कैसे संभव है? लेकिन यहां लोग वाकई ऐसा कर रहे हैं.
क्या कोई मरा हुआ व्यक्ति जीवित हो सकता है? अगर ये संभव होता तो शायद किसी के मर जाने के दुख में परिवारों में मातम ही न होता. लेकिन चीन में इन दिनों लोग पैसे देकर अपने मृत परिजनों को 'पुनर्जीवित' कर रहे हैं. अब आप सोचेंगे कि भला ये कैसे संभव है? तो इसका जवाब है- तकनीक से.
कैसे मर चुके परिजनों से बात कर रहे लोग?
दरअसल, चीन में इन दिनों एक अलग ही चलन चल पड़ा है जिसमें लोग पैसे देकर अपने मर चुके परिजनों के एआई यानी आर्टिफीशियल इंटैलिजेंस अवतार बनवा रहे हैं. हांग्जो डेली ने बताया है कि मृतकों को "पुनर्जीवित" करने के लिए एआई सेवा कारगर हो रही हैं. लोग उन सेवाओं पर 5,000 (यूएस $ 700) और 10,000 युआन के बीच खर्च कर रहे हैं.
'घोस्ट बॉट' के रूप में पहचाने जाते हैं
इन अवतारों को "घोस्ट बॉट" के रूप में भी जाना जाता है. एआई फर्म, सुपर ब्रेन के संस्थापक, झांग ज़ेवेई ने कहा कि तकनीक बुनियादी अवतार बनाने में सक्षम है जो कि हैं मृतक की सोच और बोलने के पैटर्न की नकल कर सकता है.
मई 2023 में पूर्वी चीन के जियांग्सू प्रांत में कंपनी स्थापित करने के बाद से, उनकी टीम ने 30 सेकंड की ऑडियो विजुअल कंटेंट से हजारों परिवारों के लिए उनके मृत परिजन को डिजिटल रूप से पुनर्जीवित करने में मदद की है. उनके आधे से अधिक क्लाइंट बुजुर्ग माता-पिता हैं जिन्होंने अपने बच्चों को खो दिया है.

NCERT ने 3 से 8 साल तक के बच्चों के लिए ई-मैजिक बॉक्स ऐप लॉन्च किया है. इस प्लेटफॉर्म पर बच्चे मोबाइल या कंप्यूटर से पढ़ सकते हैं और नई-नई चीजें सीख सकते हैं. इसमें एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) स्मार्ट बॉट है, जो बच्चों की पढ़ाई में मदद करता है और उनके सवालों का आसान जवाब देता है. इसके साथ ही इसमें खेल-खेल में सीखने वाली गतिविधियां भी शामिल हैं.












