मध्य प्रदेश: कमलनाथ के गढ़ में कांग्रेस को मिली शिकस्त, निकाय चुनाव में BJP का डंका
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17 नगर पालिकाओं और 29 नगर परिषदों के चुनाव में 3,397 उम्मीदवार मैदान में थे. 18 जिलों में हुए मतदान में 72.60 प्रतिशत मतदान हुआ था. वहीं कम से कम 25 नगरसेवक निर्विरोध चुने गए हैं.
मध्य प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनावों में सत्तारूढ़ बीजेपी ने शुक्रवार को 814 सीटों में से 417 सीटों पर जीत हासिल की. बीजेपी ने मंगलवार को 46 स्थानीय निकायों में हुए चुनावों में 38 में बहुमत हासिल करने का दावा किया. एक अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि 46 स्थानीय निकायों के चुनाव में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने 250, निर्दलीय ने 131, आम आदमी पार्टी ने सात, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (जीजीपी) ने छह और बहुजन समाज पार्टी ने तीन सीटों पर जीत हासिल की.
बता दें कि 17 नगर पालिकाओं और 29 नगर परिषदों के चुनाव में 3,397 उम्मीदवार मैदान में थे. 18 जिलों में हुए मतदान में 72.60 प्रतिशत मतदान हुआ था. वहीं कम से कम 25 नगरसेवक निर्विरोध चुने गए हैं.
खास बात यह है कि पूर्व सीएम कमलनाथ की गृह क्षेत्र वाली विधानसभा सौसर में नगरपालिका में कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया है. यहां कांग्रेस का एक भी पार्षद नहीं जीता. पूर्व सीएम कमलनाथ और नकुलनाथ ने अपने प्रत्यशियों को विजय दिलाने आम सभा ओर रोड शो किया था लेकिन हार का सामना करना पड़ा.
कमलनाथ ने बीजेपी पर लगाया आरोप
मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कांग्रेस उम्मीदवारों को उनके प्रदर्शन पर बधाई दी और आरोप लगाया कि बीजेपी ने चुनाव लड़ने के लिए आधिकारिक तंत्र का दुरुपयोग किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के इशारे पर प्रशासन द्वारा कांग्रेस उम्मीदवारों को परेशान किया गया. परिणाम दिखाते हैं कि "सच्चाई को परेशान किया जा सकता है, लेकिन इसे हराया नहीं जा सकता."
यह दावा करते हुए कि बड़ी संख्या में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों ने चुनाव जीता, कमलनाथ ने कहा कि पार्टी अगले 12 महीनों में (विधानसभा चुनावों के बाद) राज्य में सत्ता में लौट आएगी क्योंकि लोगों ने इसका समर्थन किया है.

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