
मदद के बहाने 33 लोगों को भेजा विदेश... न्यायिक हिरासत में भेजा गया बॉबी कटारिया
AajTak
मामले के जांच अधिकारी उप-निरीक्षक प्रमोद कुमार ने कहा, कटारिया ने सीकर (राजस्थान), ग्रेटर फरीदाबाद और नाभा (पंजाब) सहित गुरुग्राम में कार्यालय खोले थे और उन्होंने अब तक 33 लोगों को विदेश भेजा है, जिनमें से 12 को आर्मेनिया, 2 को सिंगापुर, 4 को बैंकॉक, 3 को कनाडा और 12 को लाओस भेजा था.
मानव तस्करी मामले में गिरफ्तार किए गए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बलवंत उर्फ बॉबी कटारिया को अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेजा गया. पुलिस ने कहा कि नौकरी दिलाने में मदद करने के बहाने 33 लोगों को विदेश भेजा. उन्होंने बताया कि कटारिया को गुरुग्राम पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार किया था और उनकी तीन दिन की पुलिस रिमांड खत्म होने पर शुक्रवार को शहर की एक अदालत में पेश किया गया और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
पुलिस ने पहले उसके कब्जे से 20 लाख रुपये नकद और चार मोबाइल फोन बरामद किए थे. उन्होंने बताया कि पुलिस रिमांड के दौरान कटारिया के पास से दो और मोबाइल फोन और नौ पासपोर्ट जब्त किए गए. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ''कटारिया ने कबूल किया कि वह लोगों को विदेशों में नौकरी का लालच देकर ठगता था और विदेश जाकर पीड़ितों को साइबर धोखाधड़ी करने के लिए मजबूर किया जाता था.'' कटारिया अपने साथी मंजू सिंह के साथ, अपने सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से विदेशों में नौकरी की रिक्तियां पोस्ट करते थे. अधिकारी ने कहा, वे पीड़ितों से कुछ रकम भी वसूलते थे. मंजू सिंह को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया गया है.
मामले के जांच अधिकारी उप-निरीक्षक प्रमोद कुमार ने कहा, कटारिया ने सीकर (राजस्थान), ग्रेटर फरीदाबाद और नाभा (पंजाब) सहित गुरुग्राम में कार्यालय खोले थे और उन्होंने अब तक 33 लोगों को विदेश भेजा है, जिनमें से 12 को आर्मेनिया, 2 को सिंगापुर, 4 को बैंकॉक, 3 को कनाडा और 12 को लाओस भेजा था.
कुमार ने कहा, "लाओस भेजे गए लोगों में से पांच वापस आ गए हैं जबकि सात अभी भी वहीं हैं. " एसीपी (अपराध) वरुण दहिया ने कहा कि कटारिया, जिनके इंस्टाग्राम पर 3 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं, लाओस में रहने वाले अंकित शौकीन के संपर्क में थे और उन्होंने आरोपियों से लोगों को वहां भेजने के लिए कहा था. उन्होंने कहा, "हमने कटारिया के बैंक खातों का विवरण मांगा है. उन्हें आज जेल भेज दिया गया, जबकि आगे की जांच चल रही है। अन्य आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा."

ट्रंप की ईरान को दी गई उस धमकी के बारे में बताएंगे जिसमें उन्होंने कहा कि कि ईरान दुनिया के नक्शे से मिट जाएगा. उनका ये बयान उस संदर्भ में आया है जिसमें दावा किया जा रहा है कि ईरान ट्रंप की हत्या कर सकता है. इस पर ट्रंप ने कहा अगर उन्हें कुछ भी हुआ तो अमेरिका की सेनाएं ईरान को धरती के नक्शे से मिटा देंगी. आज इस बात का विश्लेषण करेंगे कि क्या वाकई ईरान ट्रंप की हत्या की साजिश रच रहा है?

मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर विवाद गहराया है. अविमुक्तेश्वरानंद सरकार पर कड़े तेवर दिखा रहे हैं. उन पर शंकराचार्य के अपमान का आरोप लगा है. समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर बैठकर अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान करने से प्रशासन ने रोक लगा दी. समर्थकों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई.

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद आमने सामने हैं. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सीधे सीधे योगी आदित्यनाथ को चुनौती दे रहे हैं तो प्रशासन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से पूछ रहा है कि बताएं वो शंकराचार्य कैसे हैं. लेकिन बात अब इससे भी आगे बढ़ गई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के विरोधी उन्हें स्वयंभू शंकराचार्य बता रेह हैं.

227 सदस्यीय BMC में बहुमत के लिए 114 सीटों की जरूरत होती है. महायुति ने 118 वार्ड जीतकर बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है. इसके बावजूद मेयर पद को लेकर सहमति नहीं बन पाई है. स्थिति तब और नाटकीय हो गई, जब शिंदे ने कथित खरीद-फरोख्त की आशंका के चलते नवनिर्वाचित 29 शिवसेना पार्षदों को सप्ताहांत में एक फाइव-स्टार होटल में ठहरा दिया.

नोएडा केवल उत्तर प्रदेश का शो विंडो नहीं है, बल्कि प्रति व्यक्ति आय, प्रति व्यक्ति कंज्यूमर शॉपिंग, प्रति व्यक्ति इनकम टैक्स, प्रति व्यक्ति जीएसटी वसूली आदि में यह शहर देश के चुनिंदा टॉप शहरों में से एक है. पर एक शहरी की जिंदगी की सुरक्षा की गारंटी नहीं देता है. बल्कि जब उसकी जान जा रही हो तो सड़क के किनारे मूकदर्शक बना देखता रहता है.

उत्तर प्रदेश की सरकार और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बीच चल रहे विवाद में नई उर्जा आई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने खुली चुनौती के साथ योगी आदित्यनाथ को उनके शंकराचार्य होने पर सवाल उठाए हैं. इस मुद्दे ने राजनीति में तेजी से हलचल मचा दी है जहां विपक्ष शंकराचार्य के समर्थन में खड़ा है जबकि भाजपा चुप्पी साधे हुए है. दूसरी ओर, शंकराचार्य के विरोधी भी सक्रिय हुए हैं और वे दावा कर रहे हैं कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ही सच्चे स्वयंभू शंकराचार्य हैं.

उत्तर प्रदेश की सियासत में उल्टी गंगा बहने लगी है. मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर हुआ विवाद अब बड़ा मुद्दा बन गया है. जहां खुद अविमुक्तेश्वरानंद के तेवर सरकार पर तल्ख हैं, तो वहीं बीजेपी पर शंकराचार्य के अपमान को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर जाकर स्नान करने से उन्हें रोका था.






