
मणिपुर में उग्रवादियों ने फिर की गोलीबारी, 2 नागरिकों की मौत, तीन घायल
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पुलिस कंट्रोल रूप के मुताबिक राजधानी इंफाल में, कांगपोकपी और इंफाल पश्चिम जिले के सीमावर्ती इलाके में सशस्त्र बदमाशों के बीच गोलीबारी की घटना में दो लोगों की मौत हो गई है और तीन अन्य लोग गोली लगने से घायल हो गए हैं. दोनों मृतकों की पहचान नोंगथोम्बम माइकल और मीस्नाम खाबा के रूप में की गई है.
मणिपुर में हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं. मंगलवार को एक बार फिर ताजा हिंसा भड़क उठी है. स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, मंगलवार दोपहर को इंफाल पश्चिम और कांगपोकपी जिले की परिधि में उग्रवादियों ने गोलीबारी हुई. इसमें दो नागरिकों की मौत हो गई, जबकि कई घायल हैं. घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
पुलिस कंट्रोल रूप के मुताबिक राजधानी इंफाल में, कांगपोकपी और इंफाल पश्चिम जिले के सीमावर्ती इलाके में सशस्त्र बदमाशों के बीच गोलीबारी की घटना में दो लोगों की मौत हो गई है और तीन अन्य लोग गोली लगने से घायल हो गए हैं. दोनों मृतकों की पहचान नोंगथोम्बम माइकल और मीस्नाम खाबा के रूप में की गई है.
18 जनवरी को भी कई हिस्सों में हुई थी हिंसा
बता दें कि मणिपुर में 18 जनवरी को भी कई हिस्सों में हिंसा भड़की थी. इसमें पांच लोगों की मौत हो गई थी, जबकि बीएसेफ के तीन जवान घायल हुए थे. इससे पहले 17 जनवरी की सुबह सशस्त्र उग्रवादियों ने मोरेह और टेंग्नौपाल जिले में ग्रेनेड और अन्य विस्फोटकों का उपयोग करके राज्य सुरक्षा बलों पर हिंसक हमला किया था. इस घटना में, 6वीं मणिपुर राइफल्स के जवान वांगखेम सोमोरजीत मीतेई ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए थे. मणिपुर 10वीं आईआरबी के एक और पुलिस कर्मी तखेल्लमबम सिलेशवर सिंह मोरेह में सशस्त्र उग्रवादियों के हमले में भी शहीद हो गए थे.
मणिपुर में पिछले साल 3 मई को भड़की थी हिंसा
राज्य पुलिस ने आगे बताया कि उसके जवान मणिपुर के विभिन्न क्षेत्रों में सुरक्षा के साथ-साथ लॉ एंड ऑर्डर भंग करने वाले तत्वों से सख्ती से निपट रहे हैं. मणिपुर में पिछले साल 3 मई को घाटी-बहुसंख्यक मैतेई और पहाड़ी-बहुसंख्यक कुकी के बीच जातीय झड़पें हुई थीं, जिसेके बाद से राज्य में हिंसा का दौर जारी है. मणिपुर में जातीय हिंसा में अब तक 180 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं, जबकि हजारों लोग विस्थापित हुए हैं.

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