
मकानों में हुई चोरी, दरोगा बोला- तुम्हारी लड़कियों की वजह से बार-बार आ रहे चोर
AajTak
UP News: एक पीड़ित महिला ने आरोप लगाया कि जब चौकी इंचार्ज मनीष चौहान को चोरी की सूचना दी जाती है, तो वह सीधे आकर बोलते हैं- ''तुम्हारी लड़कियों के कारण आ रहे हैं.'' पुलिस अधिकारी के इस व्यवहार से महिलाएं काफी आक्रोशित भी दिखीं.
उत्तर प्रदेश के हापुड़ में दर्जनों महिलाओं ने जमा होकर जिलाधिकारी मेधा रूपम के आवास पर धरना-प्रदर्शन किया. रोती-बिलखती महिलाओं ने डीएम से मिलने की भी गुहार लगाई. इसके पीछे की वजह थी- घरों में बार-बार हो रही चोरियां और थाने के पुलिस एसआई मनीष चौहान की अभद्रता.
दरअसल, कोतवाली पिलखुवा इलाके के भोवापुर गांव में पिछले कुछ महीनों के भीतर 6-7 घरों में चोरियां हो चुकी हैं. देर रात भी दो मकानों को चोरों ने अपना निशाना बनाया. जहां से घरेलू सामान समेत नगदी की चोरी की घटना को अंजाम देकर चोर फरार हो गए.
चोरी की शिकायत लेकर जब ग्रामीण पुलिस चौकी छिजारसी पहुंचे तो दरोगा मनीष चौहान ने उनसे अभद्रता कर दी. इससे क्षुब्ध होकर अपने लिए न्याय मांगने के लिए दर्जनों महिलाएं एकत्रित होकर जिलाधिकारी मेधा रूपम के आवास पर पहुंचीं और उनके गेट के सामने धरना देने बैठ गईं.
महिलाओं की मांग थी कि उनकी मुलाकात डीएम मेधा रूपम से कराई जाए. इस धरने के दौरान एक बुजुर्ग महिला बेहोश भी हो गई. जिसको उनके साथ मौजूद महिलाओं ने पानी पिलाकर किसी तरीके से होश में लाया गया.
धरना दे रही महिलाओं ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में हमारे गांव में करीब 6 से 7 मकानों में चोरियां हो चुकी हैं. जब हम पिलखुवा पुलिस में इसकी शिकायत करने जाते हैं, तो उल्टा पुलिसकर्मी हमसे ही अभद्रता करते हैं. पुलिस ने अभी तक कोई भी कार्रवाई इन चोरियों के संबंध में नहीं की.
पुलिस SI करते हैं अभद्र भाषा का इस्तेमाल

केरल स्टोरी 2 फिल्म को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है. मुस्लिम पक्ष इस फिल्म को राष्ट्रीय स्तर पर बीजेपी सरकार का प्रोपेगेंडा बता रहा है. दूसरी ओर, फिल्म मेकर और सरकार के समर्थक कह रहे हैं कि जो भी घटनाएं हुई हैं, उन्हीं पर इस फिल्म की कहानी आधारित है. इसी बीच कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भी इस फिल्म पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.

मेघालय के शिलॉन्ग से लोकसभा सांसद रिकी एंड्रयू जे सिंगकों का फुटसल खेलते समय अचानक गिरने के बाद निधन हो गया. उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. सक्रिय जनसंपर्क और क्षेत्रीय मुद्दों को संसद में उठाने वाले सिंगकों के निधन से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में गहरा शोक है.











