
मंडरा रहा है ईरान से हमले का खतरा... रक्षा और हमले दोनों की तैयारी कर रहा इजरायल- नेतन्याहू
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इजरायल पर ईरान के हमला करने की तैयारी की चिंता के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि देश गाजा में अपना युद्ध जारी रखेगा. साथ ही अन्य क्षेत्रों में भी बदलते परिदृश्य को देखते हुए वह अपनी तैयारी कर रहा है. वह ईरान से होने वाले हमले से निपटने की तैयारी में जुटा है.
मध्य पूर्व में युद्ध का खतरा मंडरा रहा है. दरअसल, इजराइल ने कहा है कि वह गाजा में चल रहे सैन्य अभियान के बीच "अन्य क्षेत्रों में बदलते परिदृश्य" की तैयारी कर रहा है. प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, "हम रक्षा और हमले दोनों में इजराइल की सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने की तैयारी कर रहे हैं." उनका यह बयान उन चिंताओं के बीच आया है कि ईरान 1 अप्रैल को सीरिया में अपने वाणिज्य दूतावास पर हुए हवाई हमले के जवाब में इजरायल पर हमला करने की तैयारी कर रहा था.
बताते चलें कि हमले में एक शीर्ष ईरानी जनरल और छह अन्य सैन्य अधिकारी मारे गए थे. इसके बाद ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने यह कहा था कि इजराइल पर हमला "बहुत जरूरी" है. इजराइल ने छह महीने पहले ईरान समर्थित हमास के खिलाफ गाजा पट्टी में युद्ध शुरू किया था. मगर, उसने यह पुष्टि नहीं की है कि दमिश्क पर हमले के पीछे उसका हाथ था. हालांकि, पेंटागन का कहना है कि इसमें इजरायल शामिल था.
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ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी ने भी गाजा शहर में इजरायल द्वारा किए गए हवाई हमलों में हमास प्रमुख इस्माइल हानियेह के तीन बेटों की हत्या की निंदा की है. तेहरान टाइम्स ने रायसी के हवाले से लिखा, "निस्संदेह, इस अपराध ने इस शासन की क्रूर और बच्चों की हत्या करने वाली मानसिकता को स्पष्ट कर दिया है." फिलिस्तीनी समूह हमास और लेबनान के हिजबुल्लाह जैसे इजरायल विरोधी संगठनों का ईरान समर्थन करता है.
US का मानना है इजरायल पर हमला कर सकता है ईरान
सीएनएन की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान द्वारा इजराइल पर सीधा हमला करने की संभावना नहीं है. वह हमले शुरू करने के लिए लेबनान में हिजबुल्लाह और यमन में हाउती जैसे संगठनों का इस्तेमाल कर सकता है. वहीं, ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में शीर्ष अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि अमेरिका का मानना है कि इजराइल पर आने वाले दिनों में ईरान एक बड़ा हमला कर सकता है.

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