
भारत से दोस्ती को लेकर और पेगासस पर बोला इजरायल
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इजरायल की महावाणिज्य दूत टैमी बेन-हैम ने भारत-इजरायल के मुद्दे पर बात की है. उन्होंने कहा है कि दोनों देशों के रिश्ते अब मजबूत हो रहे हैं और फिलिस्तीन मुद्दे का इस पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है. उन्होंने विवादित पेगासस के मुद्दे पर भी बात की और कहा कि इस स्पाइवेयर को बस सरकारों को बेचा जाता है.
बेंगलुरू में इजरायल की महावाणिज्य दूत टैमी बेन-हैम ने भारत-इजरायल रिश्तों को लेकर कहा है कि दोनों देशों के रिश्तों में फिलिस्तीन का अनसुलझा मुद्दा एक कारक हो सकता है लेकिन ये द्विपक्षीय साझेदारी को कम नहीं करता ना ही उसे नकारता है. टैमी ने इजरायल के जासूसी सॉफ्टवेयर पेगासस पर भी बात की और कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य आतंकवाद से लड़ना है. उन्होंने इस विवादित स्पाइवेयर को लेकर स्पष्ट किया कि इसे बस सरकारों को ही बेचा जाता है.
फिलिस्तीन के मुद्दे पर द हिंदू से बात करते हुए टैमी ने कहा, 'फिलिस्तीन एक मुद्दा हो सकता है. लेकिन मुझे लगता है कि अब्राहम समझौते से यह स्पष्ट हो गया था कि फिलिस्तीनी मुद्दा एक मुद्दा हो सकता है, ये असहमति का मुद्दा हो सकता है, तर्कों का मुद्दा हो सकता है, लेकिन ये रिश्तों को खत्म करने या नकारने का मुद्दा नहीं हो सकता.'
2020 में किए गए अब्राहम समझौते के तहत, इजरायल ने चार अरब देशों – यूएई, बहरीन, मोरक्को और सूडान के साथ रिश्तों को सामान्य बनाने के लिए समझौतों पर हस्ताक्षर किए थे.
फिलिस्तीन के मुद्दे को लेकर इजरायल के संबंध कई देशों से खराब रहे हैं. लेकिन भारत के साथ इजरायल के संबंध हाल के वर्षों में काफी मजबूत हुए हैं. नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद से दोनों देशों के संबंध मजबूत हुए हैं. साल 2017 में पीएम मोदी इजरायल की आधिकारिक यात्रा पर जाने वाले पहले प्रधानमंत्री बने थे.
भारत-इजरायल संबंधों को लेकर टैमी ने कहा, 'भारत और इजरायल के बीच संबंधों को आगे बढ़ाने, विश्वास बहाली और पूर्ण राजनयिक संबंध स्थापित करने में कुछ समय लगा. लेकिन कृषि, रक्षा और साइबर सुरक्षा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में संबंधों में अब सुधार हो रहा है.'
पेगासस मुद्दे पर बोलीं महावाणिज्य दूत

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