
भारत या पाकिस्तान में से किसके साथ? तालिबान ने दिया जवाब
AajTak
तालिबान ने अफगानिस्तान सरकार के खिलाफ पाकिस्तान से समर्थन मिलने के दावों को खारिज किया है. तालिबान के प्रवक्ता मोहम्मद सुहैल शाहीन ने कतर की राजधानी दोहा से इंडिया टुडे को बताया कि तालिबान को पाकिस्तान का समर्थन मिलने का दावा निराधार है.
तालिबान और पाकिस्तान की करीबी किसी से छुपी नहीं है. अफगानिस्तान में तालिबान के दबदबे के बीच ये भी कहा जा रहा है कि पाकिस्तान ही उसे मदद मुहैया करा रहा है. हालांकि, तालिबान ने अफगानिस्तान सरकार के खिलाफ पाकिस्तान से समर्थन मिलने के दावों को खारिज किया है. तालिबान के प्रवक्ता मोहम्मद सुहैल शाहीन ने कतर की राजधानी दोहा से इंडिया टुडे को बताया कि तालिबान को पाकिस्तान का समर्थन मिलने का दावा निराधार है. सुहैल शाहीन वार्ता दल के सदस्य और अंतरराष्ट्रीय मीडिया के लिए तालिबान के प्रवक्ता हैं. इंडिया टुडे के साथ एक विशेष इंटरव्यू में उन्होंने यह भी कहा कि तालिबान भारत और पाकिस्तान के बीच प्रतिद्वंद्विता का हिस्सा नहीं बनना चाहता है. (फोटो-Getty Images) तालिबान के प्रवक्ता ने दोहा समझौते का हवाला देते हुए कहा कि तालिबान किसी अन्य देश के खिलाफ अफगान धरती का इस्तेमाल नहीं होने देगा. सुहैल शाहीन ने कहा कि अपने घायल लड़ाकों पाकिस्तान के अस्पताल में इलाज की रिपोर्ट गलत है और इसके लिए तालिबान संयुक्त राष्ट्र और रेड क्रॉस की अंतरराष्ट्रीय समिति (ICRC) के साथ पूरा सहयोग कर रहे हैं. (फोटो-Getty Images)
दुनिया में युद्ध का शोर बढ़ रहा है और शांति कमजोर पड़ रही है. अमेरिका ईरान को लेकर सख्त है जबकि ग्रीनलैंड को लेकर अपनी ताकत दिखा रहा है. रूस और यूक्रेन की जंग सालों से जारी है और यूरोप में न्यूक्लियर खतरे की बातें हो रही हैं. एशिया में इस्लामिक नाटो का गठन हो रहा है, जो क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए नई चुनौती बन सकता है. ग्रीनलैंड की भू-राजनीति अब वैश्विक शक्ति संघर्ष का केंद्र बन चुकी है जहां अमेरिका, चीन और रूस अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं. भारत सहित पूरे विश्व पर इन घटनाओं का गहरा प्रभाव पड़ रहा है.

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूरोप के आठ देशों पर टैरिफ लगाने की घोषणा की है. ये देश ग्रीनलैंड पर अमेरिका के कब्जे की धमकी का विरोध कर रहे हैं. अमेरिका और यूरोप के बीच ग्रीनलैंड को लेकर तनाव बढ़ गया है. मिनियापोलिस में अमेरिकी एजेंट की गोलीबारी के बाद प्रदर्शन जोर पकड़ रहे हैं. सीरिया में अमेरिकी सेना की कार्रवाई में एक प्रमुख आतंकवादी मारा गया. ईरान के सर्वोच्च नेता ने अमेरिका को देश में फैली अशांति का जिम्मेदार बताया. ट्रंप का गाजा पीस प्लान दूसरे चरण में पहुंचा है। जेपी मॉर्गन के सीईओ ने कहा कि उन्हें फेडरल रिजर्व चेयर बनने का कोई प्रस्ताव नहीं मिला. वेनेजुएला में अमेरिकी सैनिकों पर हमले के खिलाफ क्यूबा में बड़ा विरोध प्रदर्शन हुआ.

पूर्वी चीन के जिआंगसू प्रांत के लियानयुंगांग में शुवेई न्यूक्लियर पावर प्लांट के निर्माण की शुरुआत हो गई है, जो चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना के तहत पहली परमाणु परियोजना है. यह दुनिया की पहली परियोजना है जिसमें हुआलोंग वन और हाई टेम्परेचर गैस कूल्ड रिएक्टर को एक साथ जोड़ा गया है, जिससे बिजली के साथ हाई-क्वालिटी स्टीम भी तैयार होगी.

ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका के दबाव के खिलाफ डेनमार्क के कई शहरों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए, जिनमें कोपेनहेगन में अमेरिकी दूतावास तक मार्च भी शामिल रहा. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड मुद्दे पर दबाव बढ़ाते हुए डेनमार्क समेत आठ यूरोपीय देशों से आने वाले सामान पर 1 फरवरी से 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया है.

यूक्रेन पर रूस ने एक ही रात में 200 से अधिक स्ट्राइक ड्रोन दागकर भीषण हमला किया है. इस हमले में सुमी, खार्किव, नीप्रो और ओडेसा सहित कई इलाके निशाने पर रहे, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई और दर्जनों घायल हुए हैं. राष्ट्रपति जेलेंस्की ने इन हमलों के बीच देश की आंतरिक मजबूती और मरम्मत दलों के काम की सराहना की है.

गाजा पुनर्विकास के लिए ट्रंप की शांति योजना के तहत 'बोर्ड ऑफ पीस' के सदस्यों का ऐलान कर दिया गया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद उसके अध्यक्ष होंगे. इधर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो भी उन नेताओं में शामिल हैं, जिन्हें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गाजा संघर्ष समाप्त करने की व्यापक योजना के तहत गाजा के पुनर्विकास के लिए 'बोर्ड ऑफ पीस' में नामित किया गया है. देखें अमेरिकी से जुड़ी बड़ी खबरें.







