
भारत में पहले की तरह आसानी से नहीं थमेगा कोरोना, साइंटिस्ट की चेतावनी
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जाने-माने वायरलॉजिस्ट शाहिद जमील ने मंगलवार को कहा कि कोरोना की मौजूदा लहर का असर जुलाई तक बना रह सकता है. भारत में इस सप्ताह लगातार तकरीबन साढ़े तीन लाख मामले दर्ज किए जा रहे हैं.
भारत में तबाही लेकर आई कोरोना की दूसरी लहर भले ही कुछ थमती नजर आ रही है, लेकिन पीक पर जाने के बाद इस लहर का नीचे आना पहली लहर के मुकाबले एक लंबी प्रक्रिया हो सकती है. जाने-माने वायरलॉजिस्ट शाहिद जमील ने मंगलवार को कहा कि कोरोना की मौजूदा लहर का असर जुलाई तक बना रह सकता है. भारत में इस सप्ताह लगातार तकरीबन साढ़े तीन लाख मामले दर्ज किए जा रहे हैं. त्रिवेदी स्कूल ऑफ बायोसाइंस और अशोका यूनिवर्सिटी के निदेशक ने भारत में कोरोना की दूसरी लहर पर चिंता जाहिर करते हुए कहा, 'भारत में कोरोना के विस्फोट के लिए कोरोना के नए वेरिएंट्स भी आंशिक रूप से जिम्मेदार हो सकते हैं. हालांकि कोरोना के म्यूटेंट वर्जन ज्यादा घातक हैं, इस बात के अभी तक संकेत नहीं मिले हैं.' इंडियन एक्सप्रेस द्वारा आयोजित एक ऑनलाइन ईवेंट में बोलते हुए जमील ने कहा कि ये कहना अभी जल्दबाजी होगी कि भारत में कोरोना पीक पर है. उन्होंने कहा, 'कोरोना की दूसरी लहर में मामले भले ही अब बढ़ नहीं रहे हैं, लेकिन पीक पर जाने के बाद भी ये इतनी आसानी से नीचे नहीं आने वाली है. इस लहर का प्रभाव जुलाई तक रहने की आशंका है. इसका मतलब हुआ कि अगर अगर ये लहर नीचे आना शुरू हो जाए तो भी हम रोजोना संक्रमितों की बड़ी संख्या देखेंगे.'More Related News

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