
भारत में कभी सबसे ज्यादा फोन बेचने वाली Xiaomi को क्या हुआ? क्यों धीमी पड़ गई रफ्तार
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Xiaomi का भारतीय बाजार में एक वक्त पर राज हुआ करता था. कंपनी कई तिमाही तक मार्केट में टॉप लीडर बनी रही, लेकिन अब ब्रांड की स्थिति बदल चुकी है. मौजूदा वक्त में स्मार्टफोन ब्रांड को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. शाओमी ग्लोबल में कभी भारत के आने वाले रेवेन्यू की हिस्सेदारी 45 फीसदी तक हुआ करती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं है.
भारतीय स्मार्टफोन बाजार में कभी राज करने वाला Xiaomi इन दिनों मुसीबतों से घिरा हुआ है. शाओमी की चमक भारत में तेजी से घट रही है. कंपनी इस वक्त गिरते हुए शिपमेंट, फ्रीज हुए फंड और रेगुलेटरी के बढ़ते दबावों से जूझ रही है. इन सभी की वजह से कंपनी की भारतीय बाजार में पकड़ कमजोर हो रही है.
कभी इस चीनी कंपनी के लिए भारत दूसरा सबसे बड़ा मार्केट हुआ करता था. लेकिन पिछले कुछ सालों में कंपनी की स्थिति भारतीय बाजार में खराब होती जा रही है. IDC की रिपोर्ट के मुताबिक, शाओमी का शिपमेंट भारत में पिछले साल के मुकाबले इस साल दूसरी तिमाही में 23.5% गिरा है.
इसकी वजह से कंपनी टॉप 5 ब्रांड्स की लिस्ट से बाहर हो गई है. Vivo और Oppo जैसे ब्रांड्स को इसका खासा फायदा मिलता दिख रहा है. खासकर मिड से प्रीमियम रेंज मार्केट में शाओमी की सेल कम हुई है. कंपनी की समस्या सिर्फ खराब सेल नहीं है, बल्कि कई दूसरी मुश्किलों का भी सामना करना पड़ रहा है.
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इनकम टैक्स डिपार्टमेंट, ED और दूसरी एजेंसियों की जांच की वजह से कंपनी का 4700 करोड़ रुपये का फंड फंसा हुआ है. इसकी वजह से इन्वेस्टर की नजर में कंपनी की तस्वीर हाई-रिस्क वाली बन गई है. साल 2022 के बाद से कंपनी से कई प्रमुख लोग अलग हो चुके हैं. ब्रांड ने अपनी मार्केटिंग के खर्च में भी कटौती की है.
साल 2018 में Xiaomi के ग्लोबल रेवेन्यू का 45 फीसदी हिस्सा भारत से आता था. आज के वक्त में ये आंकड़ा सिंगल डिजिट में पहुंच गया है. कंपनी ने भारत पर फोकस प्रोडक्ट्स को लॉन्च करना भी कम कर दिया है. जहां दूसरे ब्रांड्स नए-नए मॉडल्स लॉन्च कर रहे हैं, Xiaomi कुछ ही फोन्स को लॉन्च कर रहा है.

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