
भारत ने जमीन से हवा में मारने वाली दो और मिसाइलों का किया सफल परीक्षण, ऐसे मिलेगी रक्षा क्षेत्र को मजबूती
Zee News
भारत ने बुधवार को ओडिशा तट से मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली दो और मिसाइलों का सफल परीक्षण किया. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के सूत्रों ने यह जानकारी दी.
नई दिल्लीः भारत ने बुधवार को ओडिशा तट से मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली दो और मिसाइलों का सफल परीक्षण किया. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के सूत्रों ने यह जानकारी दी. In the next slew of flight trials two MRSAM missiles successfully flight tested today, proving the systems effectiveness & reliability in complete envelope.
जमीन से हवा में लक्ष्य भेदने में सक्षम उन्होंने बताया कि चांदीपुर के एकीकृत परीक्षण रेंज लॉन्च पैड-3 से सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों (MRSAM) का परीक्षण किया गया. ये एमआरएसएएम सेना की ओर से उपयोग के लिए हैं. डीआरडीओ ने कहा कि परीक्षणों के जरिए हथियार प्रणाली की सटीकता और विश्वसनीयता स्थापित की गई.

Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.

DISC 12 Helicopter Landing System: भारत में हेलिकॉप्टर अक्सर पहाड़ी इलाकों, अग्रिम चौकियों और अस्थायी हेलिपैड पर उतरते हैं. जहां बुनियादी ढांचा बहुत कम होता है. ऐसे स्थानों पर पायलट अधिकतर दृश्य संकेतों के आधार पर लैंडिंग करते हैं. लेकिन कोहरा, धूल, बर्फबारी या खराब मौसम की स्थिति में यह तरीका जोखिम भरा हो सकता है.

Boeing P-8I Neptune Aircraft: Boeing P-8I Neptune विमानों की अतिरिक्त खरीद की जा रही है. इससे लंबी दूरी की एंटी-सबमरीन वॉरफेयर (ASW), समुद्री निगरानी और समुद्री हमले की क्षमता को मजबूत करेगी. यह विमान अमेरिकी कंपनी Boeing द्वारा बनाए जाते हैं. इन 6 विमानों के शामिल होने के बाद भारतीय नौसेना के पास कुल 18 P-8I विमान हो जाएंगे. इससे भारत, अमेरिका के बाद, इस विमान परिवार का दूसरा सबसे बड़ा ऑपरेटर बन जाएगा.








