
भारत के जवाब में नकल पर उतरा पाकिस्तान, बिलावल भुट्टो की अगुवाई में विदेश टीम भेजेंगे PM शहबाज
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अपनी वैश्विक कूटनीति को मजबूत करने के लिए पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के अध्यक्ष और पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो-जरदारी को चुना है. शनिवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बिलावल को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान का पक्ष रखने के लिए एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी सौंपी.
ऑपरेशन सिंदूर की शानदार सफलता के बाद अब केंद्र सरकार वैश्विक मंचों पर पाकिस्तान को बेनकाब करने की तैयारी कर रही है. सरकार ने ऐसे में सभी दलों के 40 सांसदों की टीम बनाई है जिसे 7 डेलिगेशन में बांटा है. ये सांसद दुनिया को बताएंगे कि कैसे पाकिस्तान आतंकवाद का सबसे बड़ा गढ़ है. अब पाकिस्तान ने भी भारत की पहल की नकल की है.
अपनी वैश्विक कूटनीति को मजबूत करने के लिए पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के अध्यक्ष और पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो-जरदारी को चुना है. शनिवार को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बिलावल को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान का पक्ष रखने के लिए एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी सौंपी.
पाकिस्तान की रणनीति और बिलावल की भूमिका दूसरी ओर, पाकिस्तान ने बिलावल के नेतृत्व में एक समिति का गठन किया है, जिसमें पूर्व मंत्री खुर्रम दस्तगीर खान, हिना रब्बानी खार और पूर्व विदेश सचिव जलील अब्बास जिलानी शामिल हैं. बिलावल ने एक एक्स पोस्ट में कहा, “प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मुझसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर शांति के लिए पाकिस्तान का पक्ष रखने के लिए प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने का अनुरोध किया. मैं इस जिम्मेदारी को स्वीकार करने के लिए सम्मानित महसूस कर रहा हूं.”
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विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम पाकिस्तान की कोशिश है कि वह दुनिया में अपना पक्ष स्पष्ट कर सके और भारत की कूटनीतिक बढ़त को संतुलित कर सके. हालांकि, भारत के संगठित और बहुपक्षीय प्रयासों के सामने पाकिस्तान की इस पहल की प्रभावशीलता पर सवाल भी उठ रहे हैं.
भारत ने गठित की इन सांसदों की टीम

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