
भारत के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र पहुंचा बांग्लादेश, ये है वजह
AajTak
बांग्लादेश ने संयुक्त राष्ट्र (UN) से अपील की है कि बंगाल की खाड़ी के दक्षिणी हिस्से में समुद्री सीमा को लेकर भारत के साथ दशकों पुराने विवाद को सुलझाया जाए. बांग्लादेश के पूर्व विदेश सचिव शाहिदुल हक ने कहा कि ये विवाद दोनों देशों के बीच कई सालों से लटका हुआ है. इस मुद्दे पर दोनों देशों के बीच दर्जनों द्विपक्षीय बैठक भी हुई हैं लेकिन वे इस मुद्दे को हल करने में असफल रहे हैं.
बांग्लादेश ने संयुक्त राष्ट्र (UN) से अपील की है कि बंगाल की खाड़ी के दक्षिणी हिस्से में समुद्री सीमा को लेकर भारत के साथ दशकों पुराने विवाद को सुलझाया जाए. विदेश मंत्रालय के एक सूत्र के अनुसार, UN मुख्यालय में बांग्लादेश के एक स्थायी मिशन ने भारत के खिलाफ यूएन महासचिव को दो अपील दायर की हैं. बांग्लादेश के पूर्व विदेश सचिव शाहिदुल हक ने एनादोलु एजेंसी के साथ बातचीत में कहा कि ये विवाद दोनों देशों के बीच कई सालों से लटका हुआ है. इस मुद्दे पर दोनों देशों के बीच दर्जनों द्विपक्षीय बैठक भी हुई हैं लेकिन वे इस मुद्दे को हल करने में असफल रहे हैं.

वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.

आज सबसे पहले आपको उस रिपोर्ट के बारे में बताएंगे, जिसके मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है. और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है. ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे?











