
भारतीय शख्स को पाकिस्तान में मौत तक जेल में रहने की सजा, यहां सीमा हैदर देती रही इंटरव्यू
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अगर कोई भारतीय नागरिक गलती से सीमा पार करके पाकिस्तान पहुंच जाए, तो उसे जासूस माना जाता है. उसे जेल में डालकर इस कदर टॉर्चर किया जाता है, कि मानसिक हालत ही बिगड़ जाती है.
भारत और पाकिस्तान में जमीन आसमान का अंतर है. जब बात जासूसों की खातिरदारी की आए, तो इस मामले में भी एक जमीन आसमान के अंतर वाली तस्वीर ही दिखाई पड़ती है. भारत में मई महीने से रह रही पाकिस्तानी महिला सीमा हैदर दो महीने बाद गिरफ्तार हुई. लेकिन जमानत दे दी गई. उसने कहा कि वो भारत के हिंदू लड़के सचिन मीणा से नेपाल में शादी कर चुकी है. बस फिर वो धड़ल्ले से मीडिया को इंटरव्यू दे रही थी. हंसते हुए अपनी कथित प्रेम कहानी बता रही थी. वो सोशल मीडिया पर फुल एक्टिव रही और नाच गाने के रील पोस्ट करती रही. इस बीच कई लोगों को शक हुआ कि कहीं वो जासूस तो नहीं?
ऐसे कई सवाल थे, जो घुसपैठ करके आई इस पाकिस्तानी महिला को जासूस वाली कैटेगरी में खड़ा कर रहे थे. वो खुद को 5वीं पास बता रही है, लेकिन अच्छी अंग्रेजी बोल लेती है. जब उससे इसकी वजह पूछी जाती है तो कहती है कि अंग्रेजी फिल्में देख देखकर ही अंग्रेजी सीखी है. उसके पास से चार फोन, 2 वीडियो कैसेट, एक सिम और एक टूटा हुआ फोन बरामद हुआ. जब वो महज 5वीं पास है, तो अकेली चार बच्चों को लेकर पाकिस्तान से शारजाह, फिर नेपाल और यहां से भारत कैसे आ गई? उसने सुरक्षा अधिकारियों को आसानी से चकमा दे दिया. ये बात भी हैरान करने वाली थी.
वाकई प्यार में भारत आई है सीमा?
अब जब एटीएस उससे पूछताछ कर रही है, तो नई जानकारी निकलकर सामने आ रही हैं. ये भी मालूम हुआ कि वो दिल्ली एनसीआर के कई लड़कों के संपर्क में थी. खैर, जितने सवाल बनते हैं, उनसे बार बार शक जासूसी वाले मसले पर ही जाता है. अब सीमा चाहे जो कहे, उसकी बातों से ये कतई साबित नहीं होता कि वो प्यार के लिए ही भारत आई थी. हो सकता है कि सचिन महज एक मोहरा हो. या इन चार बच्चों के जरिए भविष्य में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देना हो.
वहीं दूसरी तरफ एक और कहानी है. जिसमें मध्य प्रदेश का रहने वाला 36 साल का प्रसनजीत रंजारी बीते पांच साल से लापता था. अब पता चला है कि वो लाहौर की कोट लखपत जेल के ब्लॉक 4 में बंद है. उसे यहां जासूसी के आरोप में रखा गया है. एक पूर्व भारतीय कैदी ने उसके परिवार को इसकी सूचना दी थी. उसने कहा कि वो अपने बेटे की तरह पाकिस्तानी जेल में उसकी देखभाल किया करता था.
प्रसनजीत बालाघाट के खैरलांजी गांव का रहने वाला है. जो मध्य प्रदेश-महाराष्ट्र की सीमा पर है. ये जगह राजधानी भोपाल से 470 किलोमीटर दूर है. वो एमपी के उन 8 ज्ञात लोगों में से एक है, जो पाकिस्तान की जेल में बंद हैं. जिससे सुरक्षा एजेंसियां भी हैरत में हैं. सभी का इतिहास मानसिक बीमारी का है.

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