
भारतीय मूल के ब्रिटिश सांसदों ने गीता और बाइबिल लेकर ली शपथ, VIDEO
AajTak
अपने दाहिने हाथ में श्रीमद्भगवत गीता को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने शपथ ली. उन्होंने कहा कि मैं सर्वशक्तिमान ईश्वर की शपथ लेता हूं कि मैं कानून के अनुसार महामहिम राजा चार्ल्स, उनके उत्तराधिकारियों के प्रति वफादार रहूंगा और सच्ची निष्ठा रखूंगा. इसलिए भगवान मेरी मदद करें.
ब्रिटेन के आम चुनाव में ऋषि सुनक के नेतृत्व वाली कंजर्वेटिव पार्टी हार गई है. जबकि लंबे इंतजार के बाद लेबर पार्टी ने सत्ता में वापसी की है. ब्रिटेन के हाउस ऑफ कॉमन्स में नवनिर्वाचित भारतीय मूल के सांसद देश (ब्रिटेन) के प्रति वफ़ादारी के प्रतीक के रूप में ब्रिटिश क्राउन के प्रति अपनी निष्ठा की शपथ ले रहे हैं. इस दौरान भारतीय मूल के ब्रिटिश सांसदों ने श्रीमद्भगवत गीता और बाइबिल हाथ में लेकर शपथ ली.
अपने दाहिने हाथ में श्रीमद्भगवत गीता को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने शपथ ली. उन्होंने कहा कि मैं सर्वशक्तिमान ईश्वर की शपथ लेता हूं कि मैं कानून के अनुसार महामहिम राजा चार्ल्स, उनके उत्तराधिकारियों के प्रति वफादार रहूंगा और सच्ची निष्ठा रखूंगा. इसलिए भगवान मेरी मदद करें.
पहली बार सांसद बने कनिष्क नारायण ने भी अपनी शपथ के दौरान गीता हाथ में रखी. कनिष्क नारायण लेबर पार्टी के लिए वेल ऑफ़ ग्लैमरगन सीट से चुनाव जीते हैं. कनिष्क वेस्टमिंस्टर संसद में वेल्स का प्रतिनिधित्व करने वाले पहले भारतीय मूल के सांसद हैं, कनिष्क ने भी शिवानी राजा की तरह शपथ ली.लीसेस्टर ईस्ट सीट से कंजर्वेटिव सांसद शिवानी राजा ने ऐतिहासिक जीत हासिल की थी, उन्होंने भारतीय मूल के लेबर उम्मीदवार राजेश अग्रवाल के खिलाफ चुनाव लड़ा था. शिवानी राजा ने ब्रिटेन की संसद में हाथ में भगवत गीता पकड़कर शपथ ली थी.
बॉब ब्लैकमैन लंदन में हैरो ईस्ट का प्रतिनिधित्व करने वाले टोरी के दिग्गज नेता हैं और ब्रिटिश हिंदुओं के लिए ऑल पार्टी पार्लियामेंट्री ग्रुप (APPG) की अध्यक्षता कर चुके हैं, उन्होंने अपने शपथ ग्रहण समारोह के दौरान ‘गीता’ और ‘किंग जेम्स बाइबिल’ दोनों को अपने हाथ में रखा.
तनमनजीत सिंह ढेसी और पहली बार सांसद बने गुरिंदर सिंह जोसन, हरप्रीत उप्पल, सतवीर कौर और वरिंदर सिंह जस जैसे कुछ ब्रिटिश सिख सांसदों ने सिख धर्मग्रंथों के साथ शपथ ग्रहण की, लेकिन उन्होंने अपने हाथों में कोई पाठ नहीं लिया. वहीं, लाल दुपट्टे से सिर ढककर प्रीत कौर गिल ने शपथ ग्रहण के दौरान कपड़े में लिपटी 'सुंदर गुटका' को हाथ में रखा.
केरल के सोजन जोसेफ को केंट के एशफोर्ड से लेबर सांसद चुना गया है, उन्होंने शपथ के दौरान 'न्यू टेस्टामेंट' बाइबिल को हाथ में रखा. इस बीच फिर से निर्वाचित कंजर्वेटिव सांसद प्रीति पटेल, क्लेयर कॉउटिन्हो और लिबरल डेमोक्रेट मुनीरा विल्सन ने 'किंग जेम्स बाइबिल' को चुना.

लेकिन अब ये कहानी उल्टी घूमने लगी है और हो ये रहा है कि अमेरिका और चीन जैसे देशों ने अमेरिका से जो US BONDS खरीदे थे, उन्हें इन देशों ने बेचना शुरू कर दिया है और इन्हें बेचकर भारत और चाइना को जो पैसा मिल रहा है, उससे वो सोना खरीद रहे हैं और क्योंकि दुनिया के अलग अलग केंद्रीय बैंकों द्वारा बड़ी मात्रा में सोना खरीदा जा रहा है इसलिए सोने की कीमतों में जबरदस्त वृद्धि हो रही हैं.

इस वीडियो में जानिए कि दुनिया में अमेरिकी डॉलर को लेकर कौन सा नया आर्थिक परिवर्तन होने वाला है और इसका आपके सोने-चांदी के निवेश पर क्या प्रभाव पड़ेगा. डॉलर की स्थिति में बदलाव ने वैश्विक बाजारों को हमेशा प्रभावित किया है और इससे निवेशकों की आर्थिक समझ पर भी असर पड़ता है. इस खास रिपोर्ट में आपको विस्तार से बताया गया है कि इस नए भूचाल के कारण सोने और चांदी के दामों में क्या संभावित बदलाव आ सकते हैं तथा इससे आपके निवेश को कैसे लाभ या हानि हो सकती है.

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ब्रिटेन के पीएम की मेजबानी करते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय कानून तभी सच में असरदार हो सकता है जब सभी देश इसका पालन करें. राष्ट्रपति शी ने अमेरिका का नाम लिए बिना कहा कि अगर बड़े देश ऐसा करेंगे नहीं तो दुनिया में जंगल का कानून चलेगा. विश्व व्यवस्था जंगल राज में चली जाएगी.

ईरान की धमकियों के जवाब में अमेरिका ने मध्य-पूर्व में अपने कई सहयोगियों के साथ सबसे बड़ा युद्धाभ्यास शुरू किया है. यह युद्धाभ्यास US एयर फोर्सेज सेंट्रल (AFCENT) द्वारा आयोजित किया गया है, जो कई दिनों तक चलेगा. इस युद्धाभ्यास की घोषणा 27 जनवरी को हुई थी और यह अभी भी जारी है. माना जा रहा है कि यह अभ्यास अगले दो से तीन दिनों तक चलेगा. इस प्रयास का मकसद क्षेत्र में तनाव के बीच सैन्य तैयारियों को बढ़ाना और सहयोगियों के साथ सामरिक तालमेल को मजबूत करना है.

कोलंबिया और वेनेज़ुएला की सीमा के पास एक जेट विमान अचानक लापता हो गया. यह विमान फ्लाइट नंबर NSE 8849 थी जो कुकुटा से ओकाना की ओर जा रही थी. इस विमान ने सुबह 11 बजकर 42 मिनट पर उड़ान भरी थी लेकिन लैंडिंग से पहले ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया. राडार से इस विमान का अचानक गायब होना चिंता का विषय है.

वेनेजुएला में मिली बड़ी कामयाबी के बाद अब डॉनल्ड ट्रंप का आत्मविश्वास आसमान छू रहा है। कूटनीति के गलियारों में चर्चा है कि ट्रंप के मुंह 'खून लग गया है' और अब उनकी नज़रें क्यूबा और ईरान पर टिक गई हैं... और अब वो कह रहे हैं- ये दिल मांगे मोर...। ट्रंप की रणनीति अब सिर्फ दबाव तक सीमित नहीं है, बल्कि वे सीधे सत्ता परिवर्तन के खेल में उतर चुके हैं। क्या क्यूबा और ईरान ट्रंप की इस 'मोमेंटम' वाली कूटनीति का मुकाबला कर पाएंगे?







