
भागीरथी, खीरगंगा, अलकनंदा, ऋषिगंगा... उत्तराखंड की नदियां क्यों तबाही का कारण बन रहीं?
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उत्तराखंड की नदियां और पहाड़ प्रकृति का अनमोल तोहफा हैं, लेकिन इंसानी लापरवाही और जलवायु परिवर्तन ने इन्हें तबाही का हथियार बना दिया है. भागीरथी, अलकनंदा और ऋषिगंगा जैसी नदियां, जो कभी जीवन का आधार थीं, अब गलत नीतियों और पर्यावरण की अनदेखी के कारण खतरा बन रही हैं. वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि अगर हम समय रहते सतर्क नहीं हुए, तो ऐसी आपदाएं और बढ़ेंगी.
उत्तराखंड, जिसे 'देवभूमि' के नाम से जाना जाता है, अपनी प्राकृतिक सुंदरता, हिमालय की ऊंची चोटियों और पवित्र नदियों जैसे गंगा, यमुना, भागीरथी, अलकनंदा और ऋषिगंगा के लिए प्रसिद्ध है. लेकिन हाल के वर्षों में ये नदियां और पहाड़, जो कभी जीवनदायिनी माने जाते थे, अब बार-बार तबाही का कारण बन रहे हैं.
बाढ़, भूस्खलन और ग्लेशियर टूटने जैसी घटनाएं उत्तराखंड में आम हो गई हैं. आखिर ऐसा क्यों हो रहा है? क्या इसके पीछे प्रकृति का प्रकोप है या इंसानी गलतियां? इस लेख में हम वैज्ञानिक तथ्यों और शोध पत्रों के आधार पर इस सवाल का जवाब समझने की कोशिश करेंगे.
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उत्तराखंड में बार-बार आपदाएं: एक नजर
उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदाओं की घटनाएं कोई नई बात नहीं हैं, लेकिन इनकी तीव्रता और बारंबारता पिछले कुछ दशकों में बढ़ी है. उदाहरण के लिए...

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