
भगोड़े आर्म्स डीलर संजय भंडारी की संपत्ति जब्त करने पर सुनवाई टली, ED ने दाखिल की है याचिका
AajTak
भगोड़े आर्म्स डीलर संजय भंडारी की संपत्तियों को जब्त करने की ईडी की याचिका पर राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई टल गई है. अब इस मामले पर 22 नवंबर को सुनवाई होगी. ईडी द्वारा पेश किए गए दस्तावेजों की वैधता पर संजय भंडारी ने सवाल उठाया है. इस पर ED ने अपना जवाब दाखिल कर दिया है.
आर्म्स डीलर संजय भंडारी को भगोड़ा घोषित किए जाने के बाद उनकी संपत्तियों को जब्त करने की प्रवर्तन निदेशालय (ED) की याचिका पर राउज एवेन्यू कोर्ट में आज सुनवाई टल गई. अब इस मामले में अगली सुनवाई 22 नवंबर को होगी.
संजय भंडारी की ओर से कोर्ट में सवाल उठाया गया था कि ED ने अपने हलफनामे में जो दस्तावेज लगाए हैं, उन्हें अदालत में इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए. उनका तर्क था कि ED मूल दस्तावेजों से अलग नए दस्तावेज दाखिल कर रही है, जिसकी इजाजत कोर्ट को नहीं देनी चाहिए.
इस पर ED ने अपना जवाब दाखिल कर दिया है और दस्तावेजों की वैधता का बचाव किया है.
पिछली सुनवाई में ईडी ने कहा कि संजय भंडारी से सीधे तौर पर जुड़ी संपत्तियों को जब्त किया जाना चाहिए. ईडी ने कोर्ट को बताया कि संजय भंडारी से जुड़ी संपत्तियों पर किसी ने कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई है, चाहे वह कंपनियों के जरिए हों या मालिकाना हक के जरिए, इसी लिए ये संपत्ति जब्ती के योग्य हैं.
बता दें कि संजय भंडारी को आर्थिक अपराधी घोषित किया जा चुका है. वह वर्तमान में लंदन में हैं और भारत प्रत्यर्पण की कोशिश कर रहा है. ED का मामला मनी लॉन्ड्रिंग, हथियार सौदों में कमीशन और विदेशी संपत्तियों से जुड़ा है.

ईरान युद्ध के बीच पाकिस्तान की एक बड़ी साजिश बेनकाब हुई है. पाकिस्तान को लेकर खुलासा हुआ है कि वो उसने अपने एजेंट्स की मदद से भारत में सीसीटीवी लगवाए, जिनके जरिए वीडियो पाकिस्तान भेजे जा रहे थे. गाजियाबाद पुलिस ने पाकिस्तान की इस साजिश को नाकाम किया. पाकिस्तान ने इजरायल से सीख लेकर ऐसा किया. इजरायल ने तेहरान के ट्रैफिक कैमरों को हैक कर खामेनेई को लेकर अहम जानकारी जुटाई थी. देखें वीडियो.

डोनाल्ड ट्रंप ने पूरी दुनिया को कन्फ्यूज कर दिया है. एक तरफ डोनाल्ड ट्रंप और उनके दावे हैं. वहीं दूसरी तरफ इन दावों को आंख दिखाती हकीकत. सवाल ये है कि जंग की बिसात पर ट्रंप कौन सा खेल खेल रहे हैं. जंग की शुरुआत से अबतक डोनाल्ड ट्रंप अपनी आदत के मुताबिक अपने बयान बदल रहे हैं. दुर्भाग्य ये है कि ये जंग है. पहले दिन से वो कह रहे हैं कि हम जीत रहे हैं. जंग के 25 दिन बाद हकीकत कुछ और है. लेकिन वो कह रहे हैं कि उन्होंने ईरान को खत्म कर दिया है. फिर दबाव बढ़ाने के लिए उन्होंने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दे दिया. वहीं अचानक ये कहकर दुनिया को चौंका दिया कि 5 दिन युद्धविराम. ट्रंप की इन बातों ने बता दिया है कि उनके दिमाग में घोर कन्फ्यूजन है.

पश्चिम एशिया में बिगड़े हालातों पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पीएम मोदी की बातचीत हुई है. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर इसकी जानकारी दी. पीएम मोदी ने कहा है कि उन्हें ट्रंप का फोन आया और पश्चिम एशिया की स्थिति पर बात हुई. भारत तनाव कम करने और जल्द से जल्द शांति बहाल करने का समर्थन करता है. देखें वीडियो.

मोहम्मद बाघेर जोलघादर, ईरान के नए सुरक्षा रणनीतिकार होंगे. ईरान ने अली लारीजानी की जगह पर मोहम्मद बाघेर की नियुक्ति का ऐलान किया है. ईरान के सरकारी चैनल IRIB के मुताबिक सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने मोहम्मद बाघेर की नियुक्ति को मंजूरी दी है. ईरान का ये ऐलान ऐसे समय में हुआ है, जब बातचीत के राष्ट्रपति ट्रंप के एकतरफा ऐलान के बावजूद ईरान पलटवार से रुका नहीं. ईरान के हमलों से आज तेल अवीव में रिहाइशी इमारतों की बर्बादी की तस्वीरें आईं. उधर, इजरायल ने ईरान के खोर्रमशहर और इशफाहान में ऊर्जा केंद्रों पर हमले किए. इजरायल ने ईरान के कई शहरों में हमले किए हैं. बीती रात हुए हमलों से साफ है कि बातचीत के लिए 5 दिनों की जो मोहलत ट्रंप ने दी, उसका कोई नतीजा नहीं दिख रहा. इस बीच, वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब और UAE भी युद्ध में उतर सकते हैं. सवाल है कि इस युद्ध पर फुलस्टॉप कैसे लगेगा? क्या बातचीत के लिए ईरान को कथित तौर पर मोहलत देने का ट्रंप का दांव नाकाम है?









