
बॉयफ्रेंड के भतीजे से था एक्सट्रा अफेयर, प्रेमी को पता चला तो दे दिये 34 लाख और फिर...
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चीन में एक महिला का उसके बॉयफ्रेंड के भतीजे के साथ अफेयर चल रहा था. जब प्रेमी को इसका पता चला तो महिला ने माफी के तौर पर उसे 34 लाख रुपये स्वेच्छा से दिये. जब उनका रिश्ता पूरी तरह से खत्म हो गया तो महिला कोर्ट पहुंची और पैसा दिलाने की मांग की, लेकिन कोर्ट ने पूर्व प्रेमी के पक्ष में फैसला सुनाया.
चीन में एक महिला ने किसी और से अफेयर होने का खुलासा होने पर अपने बॉयफ्रेंड को माफी और मुआवजे के रूप में 34 लाख रुपये (300,000 युआन) दिये थे. कुछ दिनों बाद जब दोनों का रिश्ता पूरी तरह से खत्म हो गया,तो प्रेमिका ने अपने दिये पैसे वापस करने का दबाव बनाने कोर्ट पहुंची.
कोर्ट ने सुनवाई के बाद फैसला सुनाया कि शख्स को पूर्व प्रेमिका द्वारा दिए गए 34 लाख रुपये वापस करने की कोई आवश्यकता नहीं है. यह राशि महिला ने अपने अफेयर के लिए माफी स्वरूप दी थी.
पूर्व प्रेमिका का अफेयर और माफी का प्रस्ताव शंघाई में रहने वाले ली और उनकी प्रेमिका शू का रिश्ता 2018 में शुरू हुआ था. लेकिन 2020 में उनके रिश्ते में बड़ा झटका लगा, जब ली को पता चला कि शू का अफेयर उसके ही भतीजे के साथ चल रहा है. इस धोखे से आहत होकर ली ने शू से रिश्ता तोड़ने का फैसला कर लिया.
बॉयफ्रेंड के खाते में भेजे 34 लाख रुपये इस घटना के बाद, शू ने एक माफीनामा लिखा. पत्र में उसने स्वीकार किया कि उसने कई बार धोखा दिया और इससे ली को बहुत तकलीफ पहुंचाई. उसने लिखा कि मैंने अपनी गलतियों पर गहराई से विचार किया है. मैंने आपको बार-बार धोखा दिया और आपको बहुत दुख पहुंचाया. मैं अपनी गलतियों को सुधारने और आपको अपनी सच्चाई के साथ मुआवजा देने के लिए तैयार हूं. इसके बाद, दो दिनों के भीतर, शू ने अपने बैंक खाते से ली को 300,000 युआन ट्रांसफर कर दिए. इस माफी और पैसे के बाद, ली ने उसे माफ कर दिया और उनका रिश्ता जारी रहा.
दोबारा अफेयर का खुलासा और रिश्ता खत्म हालांकि, 2022 में ली को पता चला कि शू का भतीजे के साथ अफेयर अब भी जारी है. इस बार ली ने रिश्ता हमेशा के लिए खत्म कर दिया. ब्रेकअप के बाद, शू ने पैसे वापस करने की मांग की. उसका दावा था कि यह राशि एक शर्तीय उपहार थी, जो उनकी शादी के लिए थी. शादी न होने की स्थिति में ली को यह राशि लौटानी चाहिए.
कोर्ट ने कहा -जरूरी नहीं है पैसे लौटाना ली ने इस मांग को खारिज कर दिया. उन्होंने तर्क दिया कि शू की बार-बार बेवफाई से उन्हें भावनात्मक रूप से गहरी चोट पहुंची थी और यह पैसे उसने स्वेच्छा से दिए थे. शू ने इस मामले को शंघाई कोर्ट में ले गई. केस की समीक्षा के बाद, कोर्ट ने पाया कि यह राशि स्वेच्छा से दी गई थी और इसे शर्तीय उपहार के रूप में नहीं माना जा सकता. कोर्ट ने ली के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कहा कि उन्हें पैसे लौटाने की आवश्यकता नहीं है.

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