
बेंगलुरु के स्कूल-कॉलेजों में बम की धमकी, फर्जी मेल से मचा हड़कंप, बम स्क्वॉड तैनात
AajTak
बेंगलुरु के RV कॉलेज और चित्रकला परिषद समेत कई संस्थानों को बम की झूठी धमकी वाले ईमेल मिले. छात्रों को एहतियातन बाहर निकाला गया और बम स्क्वॉड ने जांच की. ईमेल फर्जी निकले, जिसके बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और साइबर सेल को भेजने वाले का पता लगाने में लगाया गया है.
बेंगलुरु के कई प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों को मंगलवार सुबह बम की धमकी भरे ईमेल मिलने से हड़कंप मच गया. धमकी RV कॉलेज और चित्रकला परिषद सहित कई स्कूलों और कॉलेजों को भेजी गई थी. ईमेल की जानकारी तब सामने आई जब संस्थानों का स्टाफ कार्यालय खोलने के बाद मेल चेक कर रहा था.
सूचना मिलते ही संबंधित संस्थानों ने तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित किया. सुरक्षा के लिहाज से छात्रों को तत्काल सुरक्षित बाहर निकाला गया और बम स्क्वॉड तथा स्निफर डॉग यूनिट्स को सभी प्रभावित परिसरों में तैनात कर दिया गया.
यह भी पढ़ें: स्कूलों को बम की धमकी मिले तो क्या करें? शिक्षकों और स्टाफ को ट्रेनिंग देगी दिल्ली पुलिस
पुलिस की शुरुआती जांच में यह ईमेल फर्जी पाए गए और किसी भी प्रकार का विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है. पुलिस ने संबंधित संस्थाओं की शिकायतों पर एफआईआर दर्ज कर ली है और ईमेल भेजने वाले की पहचान व मंशा जानने के लिए साइबर सेल के जरिए जांच शुरू कर दी गई है. वहीं, बेंगलुरु पुलिस ने ऐसे मामलों को गंभीरता से लेने की बात कही है और अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है.
3 कॉलेजों को भी मिली थी बम की धमकी
इससे पहले अक्टूबर 2024 में बम की धमकी वाला ईमेल बेंगलुरु के तीन प्रमुख कॉलेजों को भेजा गया, जिसमें बीएमएस कॉलेज, एमएस रमैया कॉलेज और बीआईटी कॉलेज को ईमेल के जरिए बम की धमकी दी गई थी. रिपोर्ट्स के मुताबिक, धमकी में कहा गया था कि इन संस्थानों में बम रखे गए हैं. ये कॉलेज सदाशिवनगर, हनुमंत नगर और बसवनगुडी में स्थित हैं.

अमेरिका ने ब्रिटेन, फ्रांस,इजरायल और चार अरब देशों के साथ मिलकर ईरान पर हमले की गुप्त टारगेट लिस्ट तैयार की है. मेन टारगेट न्यूक्लियर साइट्स (फोर्डो, नंटाज, इस्फाहान), IRGC कमांडर्स, बैलिस्टिक मिसाइल फैक्ट्रीज और स्ट्रैटेजिक बेस हैं. ट्रंप ने प्रदर्शनों और न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर धमकी दी है, लेकिन अभी हमला नहीं हुआ. अरब देश युद्ध से डर रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी द्वारा लागू किए गए नए नियमों पर रोक लगा दी है. छात्रों ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा कि यूजीसी का यह कानून छात्रों में भेदभाव उत्पन्न करता है. छात्रों का कहना है कि वे नियमों में बदलाव नहीं बल्कि पुराने नियमों को वापस चाहते हैं. यदि नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया तो वे भविष्य में भी प्रदर्शन जारी रखेंगे.

जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के बाद उनके पैतृक गांव में समाधि दी जाएगी. जुकाम के इलाज में लगाए गए इंजेक्शन के महज 30 सेकंड बाद तबीयत बिगड़ने से मौत का दावा किया जा रहा है. घटना से संत समाज में गहरी नाराजगी है. संतों ने निष्पक्ष जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और सोशल मीडिया पर अनर्गल लिखने वालों पर कार्रवाई की मांग की है.

दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने सार्वजनिक शिकायतों के निपटारे में लापरवाही के आरोपों पर राजेंद्र नगर, कन्हैया नगर और अशोक विहार के जोनल रेवेन्यू अधिकारियों और कन्हैया नगर के एक असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर को सस्पेंड कर दिया. अचानक निरीक्षण में प्रशासनिक खामियां मिलने के बाद उन्होंने विभागीय कार्रवाई और प्रभावित जोनों में तत्काल नए अधिकारियों की तैनाती के आदेश दिए हैं.

देश के शिक्षण संस्थानों में दलित और आदिवासी छात्रों और शिक्षकों के साथ होने वाले भेदभाव को खत्म करने के लिए विश्विद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने नए नियम लागू किए थे, जिसे लेकर विरोध इतना बढ़ गया कि मामला अदालत तक पहुंच गया. सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है, जिसे लेकर राजनीतिक दलों के नजरिए अलग-अलग दिखे.

दक्षिण मुंबई के फोर्ट इलाके में पुलिसकर्मी बनकर एक केन्याई महिला से 66 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने ठाणे से 48 वर्षीय सुरेश रंगनाथ चव्हाण को गिरफ्तार किया है. उसका एक साथी अभी फरार है. 21 जनवरी को एम. जी. रोड पर आरोपी ने अपने साथी के साथ महिला की टैक्सी रोककर जांच के बहाने 66.45 लाख रुपये से भरे बैग जब्त किए और पुलिस स्टेशन चलने का कहकर फरार हो गया.







