
बीजेपी की 'गाइडेड मिसाइल' बनते जा रहे हैं निशिकांत दुबे? कई टारगेट कर चुके हैं 'ध्वस्त'
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महुआ मोइत्रा, जॉर्ज सोरोस, सोनिया-राहुल और अब CJI और पूर्व चुनाव आयुक्त... तीखी, विवादित और सुर्खियां बटोरने वाली टिप्पणियां करने वाले निशिकांत दुबे अपने बयानों से बड़ी-बड़ी शख्सियतों को निशाना बना चुके हैं. इस बयानबाजी ने उन्हें बीजेपी के भीतर एक निडर और ध्रुवीकरण करने वाले नेता के रूप में स्थापित किया, लेकिन पार्टी को कई बार असहज स्थिति का सामना करना पड़ा.
तीखी, विवादित और सुर्खियां बटोरने वाली टिप्पणियां निशिकांत दुबे की राजनीति का स्टाइल है. वे संसद में अपनी आक्रामक और तीखे बयानों के लिए जाने जाते हैं. उनके बयानों और खुलासों ने संसद और राजनीति में हलचल ला दिया है. पार्टी की झिड़की सुनने का रिस्क उठाकर भी निशिकांत दुबे कई मौकों पर बीजेपी लाइन से हटकर आक्रामक और उत्तेजक बयान दे देते हैं. ये बयान अक्सर उनकी व्यक्तिगत छवि और फायरब्रांड इमेज को मजबूत करने वाली होते हैं. हालांकि पार्टी को कोर्स करेक्शन करना होता है. पार्टी पल्ला झाड़ लेती है. लेकिन चर्चा पार्टी की डांट की नहीं बल्कि सांसद के ऑरिजिनल बयान की होती है. दरअसल निशिकांत दुबे बीजेपी के गाइडेड मिसाइल बनते जा रहे हैं.
तमिलनाडु से जुड़े बिलों को राज्यपाल की ओर से मंजूरी नहीं देने और वक्फ संशोधन कानून 2025 के दो अहम प्रावधानों पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से रोक लगाने के बाद सांसद निशिकांत दुबे का बयान इसी श्रेणी में आता है. निशिकांत दुबे ने कहा था कि अगर देश में कोई धार्मिक युद्ध भड़का रहा है, तो वह सुप्रीम कोर्ट है. आप इस देश को अराजकता की ओर ले जाना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि अगर शीर्ष अदालत को ही कानून बनाना है तो संसद और राज्य विधानसभाओं को बंद कर देना चाहिए.
निशिकांत दुबे ने कहा कि, 'किस कानून में लिखा है कि राष्ट्रपति को तीन महीने के भीतर फैसला लेना है? मस्जिदों के लिए आप कहते हैं कि उनसे संपत्ति के कागजात मांगना गलत है, लेकिन मंदिरों के लिए आप खुद ही कागज मांगते हैं. यह दोहरा मापदंड क्यों?'
दुबे के इस ट्वीट से पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने तुरंत किनारा कर लिया और इसे उनका निजी बयान बताया.
इस ट्वीट के कुछ ही घंटों के बाद निशिकांत दुबे ने वक्फ कानून पर पूर्व चुनाव आयुक्त एस वाई कुरैशी की ओर से जाहिर किए गए राय के लिए उन्हें मुस्लिम आयुक्त बताया और कहा कि आप चुनाव आयुक्त नहीं, मुस्लिम आयुक्त थे, झारखंड के संथालपरगना में बांग्लादेशी घुसपैठियों को वोटर सबसे ज़्यादा आपके कार्यकाल में ही बनाया गया.
झारखंड के गोड्डा से लगातार 4 बार सांसदी जीतने वाले निशिकांत दुबे ने अपने बयानों से बड़ी-बड़ी शख्सियतों पर वॉर किया है. उन्होंने जिस मुद्दे को संसद में उठाया उस पर बड़ा बड़ा हंगामा हुआ. कई बार तो विपक्ष को पीछे हटने पर भी मजबूर होना पड़ा. सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजीव खन्ना और पूर्व चुनाव आयुक्त एस वाई कुरैशी पर उनका बयान हाल में आया है. लेकिन इससे पहले भी वे अचंभित करने वाले खुलासे कर चुके हैं.

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