
बाइडेन-हैरिस को लेकर इस एस्ट्रोलॉजर की बात हुई सच, अब ट्रंप के लिए की बड़ी भविष्यवाणी
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एमी ट्रिप ने 1 अगस्त, 2020 को भविष्यवाणी की थी कि उपराष्ट्रपति कमला हैरिस 2024 में राष्ट्रपति पद की रेस में होंगी. उन्होंने डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रेसिडेंशियल कैंडिडेट बनने के लिए नॉमिनेशन कर दिया है.
एस्ट्रोलॉजर (ज्योतिषी) एमी ट्रिप ने इस साल 5 नवंबर को होने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव की रेस से जो बाइडेन के बाहर होने की सटीक तारीख की भविष्यवाणी की थी. अब उन्होंने अगला अमेरिकी राष्ट्रपति कौन होगा, इसे लेकर भविष्यवाणी की है. न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट में के मुताबिक एमी ट्रिप का मानना है कि डोनाल्ड ट्रंप आगामी चुनाव जीतकर संयुक्त राज्य अमेरिका के अगले प्रेसिडेंट बनेंगे.
एमी ट्रिप ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट के बायो में खुद को 'इंटरनेट का सबसे कुख्यात ज्योतिषी' के रूप में परिभाषित करती हैं. उनसे पूछा गया कि आपकी गणना के अनुसार ग्रहों की चाल क्या कहती है, अमेरिका का अगला कमांडर इन चीफ कौन होगा? इसके जवाब में एमी ने कहा, 'डोनाल्ड ट्रंप का सूर्य उनके करियर के पेंटहाउस में है, जो वास्तविक के लिए काफी उपयुक्त है। संपत्ति मुगल.
एमी ट्रंप ने डोनाल्ड ट्रंप को लेकर की बड़ी भविष्यवाणी
उन्होंने न्यूयॉर्क पोस्ट को बताया कि ट्रंप का सूरज (Sun) उनके करियर के पेंटहाउस में है, जो आगामी राष्ट्रपति चुनाव में उनकी जीत सुनिश्चित करने के लिए उपयुक्त स्थिति है. हालांकि, उन्होंने कहा कि ट्रंप के साथ और भी कुछ चौंकाने वाली घटनाएं हो सकती हैं. ट्रिप ने कहा, 'ट्रंप का यूरेनस स्वर्ग के मध्य में स्थित है, जो उनके करियर और लक्ष्यों में अप्रत्याशितता का संकेत देता है.'
बता दें कि एस्ट्रोलॉजर यूरेनस को आकस्मिक उतार चढ़ाव और बड़े परिवर्तन का ग्रह मानते हैं. सारे ग्रहों में इसको सबसे ज्यादा वृद्ध माना जाता है. यूरेनस स्वर्ग और आकाश पर आधिपत्य रखता है. इससे पहले, एमी ट्रिप ने भविष्यवाणी की थी कि जो बाइडेन अगला राष्ट्रपति चुनाव लड़ने को लेकर कुछ बड़ा फैसला लेंगे. 11 जुलाई को X (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में ट्रिप ने लिखा था, 'अगर बाइडेन को पद छोड़ना पड़ा तो यह मकर पूर्णिमा पर 29° मकर राशि पर होगा. बता दें कि मकर राशि सत्ता और बुढ़ापे पर शासन करता है. इसका 29° पर होना अंत का संकेत है.'
ट्रिप ने जो बाइडेन को लेकर की थी सटीक भविष्यवाणी

लेकिन अब ये कहानी उल्टी घूमने लगी है और हो ये रहा है कि अमेरिका और चीन जैसे देशों ने अमेरिका से जो US BONDS खरीदे थे, उन्हें इन देशों ने बेचना शुरू कर दिया है और इन्हें बेचकर भारत और चाइना को जो पैसा मिल रहा है, उससे वो सोना खरीद रहे हैं और क्योंकि दुनिया के अलग अलग केंद्रीय बैंकों द्वारा बड़ी मात्रा में सोना खरीदा जा रहा है इसलिए सोने की कीमतों में जबरदस्त वृद्धि हो रही हैं.

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