
बांग्लादेश में BJP ने जीती 1 सीट... 'हाथी' और 'साइकिल' का सूपड़ा साफ
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बांग्लादेश के चुनावी आंकड़ों के अनुसार BNP ने सबसे ज्यादा 209 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है. दूसरे नंबर पर जमात पार्टी रही है, जिसे 68 सीटों पर जीत मिली है. इस चुनाव की सबसे बड़ी राजनीतिक पृष्ठभूमि यह रही कि लंबे समय तक सत्ता में रही आवामी लीग चुनाव मैदान में उतर ही नहीं सकी.
बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनाव में राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदलते नजर आए. जहां एक तरफ बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने बहुमत के साथ सत्ता की ओर मजबूत बढ़त बनाई, वहीं कई छोटी और मध्यम पार्टियों का सूपड़ा साफ हो गया. शेख हसीना सरकार को उखाड़ फेंकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले छात्र नेताओं की नई नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) कुछ खास असर नहीं दिखा सकी. यह जमात-ए-इस्लामी गठबंधन का हिस्सा थी. इस चुनाव में दिलचस्प बात यह रही कि भारत की राजनीति से मिलते-जुलते नाम और चुनाव चिह्न वाली कई राजनीतिक पार्टी मैदान में थीं, जिन्होंने सभी का ध्यान खींचा है.
आम चुनाव में बांग्लादेश जातीय पार्टी (BJP) को एक सीट हासिल हुई, जबकि कई चर्चित दलों का खाता तक नहीं खुल सका. हालांकि बांग्लादेश की बीजेपी का चुनाव चिह्न कमल नहीं बल्कि बैल गाड़ी है, जबकि भारत में बीजेपी का चुनाव चिह्न कमल है. इसी तरह हाथी और साइकिल के निशान वाली पार्टियां भी मैदान में थीं. उत्तर प्रदेश की राजनीति में दबदबा रखने वाले दलों के चुनाव चिह्न से मिलते-जुलते सिंबल वाली इन पार्टियों को बांग्लादेश की जनता ने पूरी तरह नकार दिया.
हाथी सिंबल वाली बांग्लादेश रिपब्लिकन पार्टी (BRR) और साइकिल चिह्न वाली जातिय पार्टी का खाता भी नहीं खुल सका. भारत में मायावती की बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) का चुनाव चिह्न हाथी है, जबकि अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली समाजवादी पार्टी का सिंबल साइकिल है. इसी तरह हाथ के निशान वाली बांग्लादेश मुस्लिम लीग (BML) और इसी नाम की लालटेन वाली पार्टी का भी सूपड़ा साफ रहा. भारत में हाथ कांग्रेस का चुनाव चिह्न है, जबकि लालटेन लालू यादव की आरजेडी का सिंबल है.
इस चुनाव की सबसे बड़ी राजनीतिक पृष्ठभूमि यह रही कि लंबे समय तक सत्ता में रही आवामी लीग चुनाव मैदान में उतर ही नहीं सकी. पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के नेतृत्व वाली यह पार्टी देश की राजनीति में दशकों तक प्रभावशाली रही, लेकिन अंतरिम सरकार द्वारा लगाए गए बैन के चलते वह चुनाव में भाग नहीं ले सकी. इससे चुनावी मुकाबला मुख्य रूप से BNP और अन्य दलों के बीच सीमित हो गया.
बीएनपी गठबंधन को मिला स्पष्ट बहुमत
चुनावी आंकड़ों के अनुसार BNP ने सबसे ज्यादा 209 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है. बांग्लादेश में 299 सीटों पर चुनाव हुआ था, जबकि एक सीट पर उम्मीदवार की मौत होने पर वोटिंग नहीं हो सकी. बीएनपी के शीर्ष नेता तारिक रहमान के नेतृत्व में पार्टी ने जबरदस्त प्रदर्शन किया. बीएनपी गठबंधन को कुल 212 सीटें मिली हैं. बीएनपी के सहयोगी दलों गणोसम्हति आंदोलन, बांग्लादेश जातीय पार्टी और गोनो ओधिकार परिषद ने एक-एक सीट जीती है.

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