
बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार, क्या मोहम्मद यूनुस के मंदिर दर्शन से अल्पसंख्यकों में कायम होगा भरोसा?
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राजधानी ढाका में बांग्लादेश में रहने वाले हिंदुओं ने प्रदर्शन किया. यहां अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस के सरकारी आवास के बाहर मुस्लिम कट्टरपंथियों के सताए हिंदू हाथों में अपनों की फोटो लेकर पहुंचे और सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की. हिंदुओं का ये प्रदर्शन बांग्लादेश की उस पुरानी बीमारी के खिलाफ है, जिसमें अराजकता फैलते ही मुस्लिम कट्टरपंथी सबसे पहले हिंदुओं को सताते हैं.
बांग्लादेश में बड़ा सियासी घटनाक्रम जारी है. शेख हसीना के प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दिए जाने के बाद अंतरिम सरकार का गठन हो गया है, जिसकी कमान मोहम्मद यूनुस ने संभाली है. इस बीच पड़ोसी मुल्क में सबसे बुरा हाल अल्पसंख्यक और खासकर हिंदू समुदाय के लोगों का है. इसके चलते हिंदू सड़कों पर उतर आए हैं और अपनी सुरक्षा के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं.
इस कड़ी में राजधानी ढाका में बांग्लादेश में रहने वाले हिंदुओं ने प्रदर्शन किया. यहां अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस के सरकारी आवास के बाहर मुस्लिम कट्टरपंथियों के सताए हिंदू हाथों में अपनों की फोटो लेकर पहुंचे और सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की. हिंदुओं का ये प्रदर्शन बांग्लादेश की उस पुरानी बीमारी के खिलाफ है, जिसमें अराजकता फैलते ही मुस्लिम कट्टरपंथी सबसे पहले हिंदुओं को सताते हैं.
रविवार को बांग्लादेश में हिंदुओं पर हुए हमले के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुआ. इतने बड़े पैमाने पर शायद ही दुनिया ने पहली बार बांग्लादेश के हिंदुओं को प्रदर्शन करते देखा. शेख हसीना की सरकार के बेदखल होते ही जिस तरह से बांग्लादेश में खुलेआम हिंदुओं को निशाना बनाया गया, उसने वहां रहने वाले हिंदुओं के सब्र के बांध को तोड़ दिया है. वो पूछने लगा कि क्या बांग्लादेश उनका नहीं है?
हिंदू मंदिर पहुंचे यूनुस
सनातन अधिकार मंच के बैनर तले ढाका में हिंदुओं ने मंगलवार को भी प्रदर्शन किया. जिस वक्त ये प्रदर्शन हो रहा था उस वक्त मोहम्मद यूनुस अपने सरकारी आवास के अंदर अंतरिम सरकार के सदस्यों से मुलाकात कर रहे थे. इस प्रदर्शन से पहले बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के चीफ सहायक मोहम्मद यूनुस राजधानी ढाका के ढाकेश्वरी मंदिर पहुंचे. मंदिर पहुंचकर यूनुस ने हिंदुओं से मुलाकात की और सुरक्षा का भरोसा दिया. 5 अगस्त के दिन हिंदुओं पर हुए हमले ने सारी दुनिया का ध्यान बांग्लादेश की तरफ खींचा. सवाल उठने लगे. और बढ़ते दबाव के बाद अंतरिम सरकार की ओर से हिंदुओं की सुरक्षा का भरोसा देने पड़ा.
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